20 August 2026

मेला मनोरंजन ही नहीं ज्ञानवर्धन का साधन है: मनोज मोहन यादव

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सम्पादक प्रमोद कुमार

***भागीरथ महोत्सव मेला 2025 का शुभारंभ 29 मार्च से, 30 अप्रैल को होगा समापन

 

हरिद्वार।‌ भागीरथ महोत्सव मेला 2025 आयोजन समिति के अध्यक्ष मनोज मोहन यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में मेले न केवल मनोरंजन के साधन हैं, अपितु ज्ञानवर्द्धन के साधन भी कहे जाते हैं। प्रत्येक मेले का इस देश की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक परम्पराओं से जुड़ा होना इस बात का प्रमाण हैं कि ये मेले किस प्रकार जन मानस में एक अपूर्व उल्लास, उमंग तथा मनोरंजन करते हैं। मेले का महत्व सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक, और धार्मिक होता है। मेला लोगों को एक साथ आने का मौका देता हैं। लोक संस्कृति और लोक जीवन को बढ़ावा देता हैं। सांस्कृतिक विविधता को संरक्षित करने में मदद करता है।

भागीरथ जनकल्याण सेवा समिति रजि के तत्वावधान में दशहरा मैदान, पीठ बाजार से-4 भेल के मैदान 29 मार्च से लेकर 30 अप्रैल 2025 तक भागीरथ महोत्सव मेला 2025 का आयोजन किया जा रहा है।‌ प्रेस क्लब हरिद्वार के सभागार में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि आयोजन समिति के अध्यक्ष मनोज मोहन यादव ने कहा कि भागीरथ महोत्सव मेले के मुख्य आकर्षण 150 फीट का भव्य स्वागत द्वार, भव्य सांस्कृतिक मंच, विभिन्न तरह के सेल्फी जोन, विभिन्न तरह के आकर्षक झूले,स्ट्राइकिंग कार, रिवालविंग टावर, रेंजर झूला, बड़ी नाव, टोरा टोरा एरोप्लेन, ड्रैगन, चाइना बाउंसी वाटर बोट, मौत का कुआं होगा। वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्थानीय बच्चों, कलाकारों सहित लोकप्रिय बाहरी कलाकारों की उपस्थिति रहेगी। मिस्टर व मिस हरिद्वार प्रतियोगिता, बॉडीबिल्डिंग का कंपटीशन और बहुत कुछ आकर्षण रहेगा। उन्होंने कहा कि मेले में सुरक्षा के दृष्टिकोण से 30 से 40 सुरक्षा गार्ड , 80 सीसी टीवी कैमरे, आग से बचाव के उपकरण, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सुविधा रहेगी। हरिद्वार वासियों एवं आसपास के क्षेत्र के सभी लोगों को मेले में शामिल होने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि बच्चों को मोबाइल से दूर रखकर मेला में घूमने जरूर पधारे।

पत्रकार वार्ता में समिति के संरक्षक सुकरामपाल व राकेश चौहान, उपाध्यक्ष तरुण कुमार शुक्ला, कोषाध्यक्ष प्रवीण बरदिया, सलाहकार संतोष साहू, कार्यकारी सदस्य रामचंद्र यादव, सदस्य गौरीशंकर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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