किर्बी के मजदूरों की सिडकुल मेंश्रम विभाग व किर्बी प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश रैली
संपादक प्रमोद कुमार
हरिद्वार, किर्बी श्रमिक कमेटी द्वारा पूर्व में घोषित कार्यक्रम के अनुसार आज दिनांक 21 नवंबर को प्रातः 10 बजे चिन्मय डिग्री कालेज से पूरे सिडकुल में होते हुए श्रम विभाग तक रैली निकाली गई। और उसके बाद एक सभा की गयी।
सभा के बाद एक ज्ञापन उप श्रमायुक्त को सौंपा गया।
रैली पूरे औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल में और किर्बी कम्पनी से गुजर कर गयी।आज भी श्रम अधिकारी उपस्थित नहीं थे, लगातार तीन चार बार से वार्ता के दिन अधिकारी कार्यालय में उपस्थित नहीं रहें हैं। जिससे मजदूरों में भयानक आक्रोश है।
सभा व रैली में किर्बी श्रमिक कमेटी के सैकड़ों सदस्य और उनके परिवार महिला और बच्चों के अलावा इंकलाबी मजदूर केंद्र, भारतीय किसान यूनियन, एवरेडी मजदूर यूनियन, सिमेंस वर्कर्स यूनियन (सी एंड एस) , प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन, कर्मचारी संघ सत्यम आटो के पदाधिकारियों ने भी भागीदारी की।
सभा का संचालन करते हुए लोकेश ने कहा कि श्रम विभाग और किर्बी प्रबंधन हमारी धैर्य की परीक्षा ले रहा है,आठ महीने से तारिख पे तारीख दिये जा रहें हैं। समाधान नहीं निकाला जा रहा है। किर्बी श्रमिक कमेटी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि 28 नवंबर तक संयुक्त मांग पत्र सुनवाई नहीं होती है तो मजदूरों को आंदोलनात्मक कार्यवाही करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
सभा में किर्बी श्रमिक कमेटी के प्रधान कृष्ण मुरारी ने कहा कि स्थानीय प्रबंधन के साथ -साथ हैदराबाद के अधिकारी भी मजदूर प्रतिनिधियों को डराने-धमकाने का कार्य कर रहे हैं हम अपना हक मांग रहे हैं। इसके लिए हम डरने वाले नहीं हैं। हमें डीए नहीं दिया जा रहा है,आठ घंटे के स्थान पर सवा आठ घंटे कार्य लिया जा रहा है,ठेका मजदूरों से मशीनों का संचालन किया जा रहा है जबकि स्थायी प्रकृति के कामों पर स्थायी मजदूर की भर्ती होनी चाहिए।
इंकलाबी मजदूर केंद्र के हरिद्वार प्रभारी -पंकज कुमार ने कहा कि आज सभी फैक्ट्रियों में श्रम कानूनों का खुल्लेआम उल्लघंन किया जा रहा है केन्द्र सरकार ने मजदूरों के 44 श्रम कानूनों को समाप्त कर 4 मजदूर विरोधी लेबर कोड्स लाकर मजदूरों को गुलाम बनाने की साज़िश की जा रही है इसलिए सभी फैक्ट्रियों के मजदूरों को संगठित होना होगा। इन श्रम संहिताओं का विरोध कोई भी राजनीतिक पार्टी या संगठन नहीं कर रहे हैं।समय की जरूरत है कि क्रांतिकारी विचारों पर खड़ा होकर पूंजीपति वर्ग के खिलाफ संघर्ष छेड़कर मजदूर राज समाजवाद के लिए संघर्ष तेज किया जाए।
एवरेडी मजदूर यूनियन के अध्यक्ष अमित कुमार ने कहा कि पूरे सिडकुल के पूंजीपति एकजुट होकर मजदूरों के शोषण -उत्पीड़न के लिए योजना बनाते है। खुद भी सिडकुल एसोसिएशन बनाये हुये है। परन्तु मजदूरों को कहते रहते है कि बाहर के संगठनों से संबंध मत रखो।
सभा में क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के संयोजक नासिर अहमद ने कहा कि मोदी सरकार बड़े कारपोरेट पूंजीपतियों के मुनाफे को बढ़ाने के लिए मजदूरों किसानों के साथ- साथ छोटे छोटे दुकानदारों, कारोबारियों कामी जीना हराम कर रही है।हिन्दू मुस्लिम का राग अलापकर जनता को भटकाया जा रहा है। फासीवाद सोच बढ़ाई जा रही है जनवाद को सिमित किया जा रहा है।
सभा को प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र की नीता, सिमेंस वर्कर्स यूनियन (सी एंड एस)के अशोक गिरि, एवरेडी मजदूर यूनियन के महामंत्री अनिल कुमार, कोषाध्यक्ष संजीव कुमार व किर्बी श्रमिक कमेटी के विजेन्द्र, नरेश कुमार,ब्रजपाल आदि ने संबोधित किया। रैली में,सूरज , पंकज पटेल,उमेशचंद्र,वीकेश, दीपचंद, वाजिद,साजिद,मनिक, अमित चौहान,राजीव, राहुल , कृष्णा,विजय,गुड़िया, ज्योति, रुचि,प्रिति,समेत कई बच्चे भी उपस्थित रहे
 

