सुप्रसिद्ध गायक श्री कौस्तुभ कुंज द्वारा प्रस्तुत भावपूर्ण संगीत कार्यक्रम ने अनिश, 29 नवम्बर के शुभ अवसर पर हरिद्वार में उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
हरिद्वार, 29 नवम्बर,सुप्रसिद्ध गायक श्री कौस्तुभ कुंज द्वारा प्रस्तुत भावपूर्ण संगीत कार्यक्रम ने अनिश, 29 नवम्बर के शुभ अवसर पर ऋषिकुल ऑडिटोरियम, हरिद्वार में उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
यह कार्यक्रम भारतीय संस्कृति फाउंडेशन, हरिद्वार तथा श्री ज्ञान सेवा मंदिर ट्रस्ट, अजमेर द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था। कार्यक्रम को पावर कॉरपोरेशन, भारत सरकार तथा एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक का उदार आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ।
भक्ति और संगीत से सराबोर संगीतमयी संध्या
श्री कौस्तुभ कुंज ने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत मधुर और भक्तिमय स्तुति “गोविन्द दामोदर माधवेति” से की, जिसने शुरुआत से ही श्रोताओं के हृदय को मोह लिया। इसके बाद उन्होंने कई मनभावन गीत और भजनों की प्रस्तुति दी, जिनमें प्रमुख रहे—
वो काला एक बाँसुरी वाला
राम रमइया गाए जा
जिनके हृदय हरि नाम बसे
हरि नाम का प्याला
पं. भीमसेन जोशी जी को समर्पित — जय दुर्गे दुर्गा त परिहारिणी
लाल इश्क (अरिजीत सिंह)
हर प्रस्तुति पर श्रोताओं ने भरपूर सराहना की और पूरा सभागार बार-बार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उनके भजनों की भक्ति, पवित्रता और भावपूर्णता ने सभी को गहरे तक प्रभावित किया।
कार्यक्रम की प्रमुख झलकियाँ
संध्या की सबसे सराही गई प्रस्तुतियाँ उनके दो भावपूर्ण भजन रहे—
“लगा चुनरी में दाग”
“हे शिव शंकर”
इन प्रस्तुतियों ने उन्हें स्टैंडिंग ओवेशन दिलाया। विशेष रूप से कार्यक्रम के अंतिम चरण में, जब उन्होंने माँ गंगा को समर्पित भजन प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने अपने संगीत के माध्यम से भावपूर्ण ढंग से गंगाजी का तत्त्व— जब प्राण तन से निकले का सांकेतिक चित्रण किया, तो पूरा वातावरण आध्यात्मिकता से भर उठा।
विशिष्ट अतिथि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे श्री मदन कौशिक, माननीय विधायक श्री मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी दोनों विशिष्ट अतिथियों ने इस पहल की प्रशंसा की और आयोजकों को भारतीय संस्कृति, भक्ति तथा शास्त्रीय संगीत को बढ़ावा देने के लिए ऐसे प्रेरणादायक आयोजनों हेतु बधाई दी
 

