कुशावर्त घाट पर दत्तात्रेय जयंती का दिव्य उत्सव, भक्तिमय वातावरण में कढ़ी-चावल प्रसाद वितरण
संपादक प्रमोद कुमार
हरिद्वार। पावन कुशावर्त घाट पर भगवान दत्तात्रेय जयंती दिव्यता, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान आशुतोष के रुद्राभिषेक से हुई। विधिवत पूजन के पश्चात मां गंगा की विशेष आरती संपन्न की गई, जिसके दौरान मंत्रोच्चार और दीपों की रौशनी ने पूरे घाट को अलौकिक आभा से भर दिया।
 
श्रद्धालुओं के लिए कढ़ी-चावल और हलवे का प्रसाद वितरित किया गया। मंदिर के पुजारी धर्मानंद कोठारी ने बताया कि सुबह से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था। गंगा तट पर वेद-मंत्रों, भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना की पवित्र ध्वनियों ने भक्तिपूर्ण माहौल निर्मित किया। दूर-दूर से आए साधकों ने प्रसाद ग्रहण कर स्वयं को धन्य अनुभव किया।
आचार्य दीपक कोठारी ने कहा कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी कुशावर्त घाट पर दत्तात्रेय जयंती बड़े उत्साह और अनुशासन के साथ मनाई जा रही है। श्रद्धालुओं में भगवान दत्तात्रेय की कृपा और आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष अनुभव देखने को मिला।
पूरे दिन घाट पर भक्ति, सद्भाव और आध्यात्मिक गरिमा का प्रवाह बना रहा। भक्तगण भगवान दत्तात्रेय से ज्ञान, तप और सेवा की प्रेरणा लेते दिखाई दिए।
इस अवसर पर अजय पाराशर, कपिल पाराशर, कैलाश पाठक, भूपेश पाठक सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

