“श्रम वह सीढ़ी है जिसके माध्यम से मानवीय गरिमा और रचनात्मक उत्कृष्टता अभिव्यक्त होती है: मुकुल चौहान 

विज्ञापन

प्रमोद कुमार

हरिद्वार। धूम सिंह मेमोरियल पब्लिक स्कूल सीतापुर के निदेशक मुकुल चौहान ने कहा कि हम जिस भी सुख-सुविधा का आनंद लेते हैं, वह किसी न किसी की कड़ी मेहनत का ही उपहार है। श्रम का सम्मान करने का अर्थ केवल किसी अवकाश को मनाना ही नहीं है; बल्कि इसका अर्थ है—हर कार्य में निहित मानवीय गरिमा को पहचानना।

 

बताते चलें कि आज, हमारे विद्यालय ‘धूम सिंह मेमोरियल स्कूल’ में ‘अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस’ अत्यंत उत्साह के साथ मनाया गया। निदेशक मुकुल चौहान ने कहा कि मज़दूर दिवस के अवसर पर, हमें यह बात ज़रूर याद रखनी चाहिए कि उनके बिना, यह सब कुछ असंभव ही रहता। उन्होंने विद्यालय के समस्त सहयोगी कर्मचारियों के प्रति अपनी हार्दिक कृतज्ञता और सराहना व्यक्त की और अथक प्रयासों और विद्यालय के प्रति उनकी निष्ठा की अत्यधिक प्रशंसा की।

प्रधानाचार्या, साधना भाटिया मैम ने ‘श्रम दिवस’ के अवसर पर इन सहयोगी कर्मचारियों को सम्मानित किया। उन्होंने उनके प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की और एक दृढ़ संकल्प लिया—कि हम उनके अधिकारों की रक्षा करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें कभी भी किसी भी प्रकार के भेदभाव का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि हम अक्सर सोचते हैं- जब हम हर रोज़ स्कूल जाते हैं, तो आखिर कौन है जो हमारे लिए ये सारी सुविधाएँ उपलब्ध कराता है? हम उस बुनियादी ढाँचे के प्रति अपनी कृतज्ञता कैसे व्यक्त करें, जो हमारी शिक्षा को आधार और मज़बूती प्रदान करता है? ये वही श्रमिक हैं जो हमारे लिए यह सब संभव बनाते हैं।

विज्ञापन

ये भी पढ़ें

Copyright © All rights reserved. | Sakshar Haridwar Powered by www.WizInfotech.com.