20 August 2026

‘वननेस वन-प्रकृति के साथ समरस्ता’ के माध्यम से हरित, संतुलित एवं सतत भविष्य के निर्माण हेतु निरंतर समर्पित भाव से कार्य कर रहा है।

विज्ञापन

संपादक प्रमोद कुमार

*हरिद्वार , 20 अगस्त, 2026:-* बाबा हरदेव सिंह जी का दिव्य संदेश ‘प्रदूषण अंदर हो या बाहर दोनों ही हानिकारक है’, केवल पर्यावरण संरक्षण का आह्वान नहीं, बल्कि मानवीय चेतना को निर्मल और प्रकृति के प्रति उत्तरदायी बनाने का प्रेरणास्रोत है। इसी प्रेरणा को साकार रूप देते हुए संत निरंकारी मिशन अपनी पर्यावरण संरक्षण की पहल ‘वननेस वन-प्रकृति के साथ समरस्ता’ के माध्यम से हरित, संतुलित एवं सतत भविष्य के निर्माण हेतु निरंतर समर्पित भाव से कार्य कर रहा है।

 

सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के पावन आशीर्वाद से अगस्त 2021 में प्रारम्भ हुई यह अनूठी पहल आज देशव्यापी जनआंदोलन का स्वरूप ग्रहण कर चुकी है। इसका उद्देश्य केवल वृक्षारोपण करना नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ आत्मीय संबंध को पुनर्जीवित करना, पर्यावरण संरक्षण को जीवन-मूल्य के रूप में स्थापित करना तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित, स्वच्छ एवं संतुलित पृथ्वी का निर्माण करना है। समय के साथ यह अभियान निरंतर विस्तार पाते हुए देशभर में लाखों लोगों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने की प्रेरणा दे रहा है।

संत निरंकारी मण्डल के सचिव आदरणीय श्री जोगिन्दर सुखीजा जी ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत के विभिन्न राज्यों में अब तक लगभग 350 वृक्ष समूह स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 600 से अधिक ‘वननेस वन’ स्थलों पर श्रद्धालु एवं सेवादार पूर्ण समर्पण के साथ इन वृक्षों का संरक्षण एवं संवर्धन कर रहे हैं। यह अभियान केवल वृक्ष लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में प्रकृति के प्रति जागरूकता, संवेदनशीलता, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व तथा सामूहिक सहभागिता की संस्कृति को भी सुदृढ़ कर रहा है।

इसी सतत प्रयास को आगे बढ़ाते हुए संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा 23 अगस्त, रविवार को इस महाअभियान के छठे चरण का शुभारंभ किया जा रहा है। यह अभियान देशभर के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों सहित 630 स्थानों पर एक साथ आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर मिशन के लाखों श्रद्धालु एवं स्वयंसेवक समर्पित भाव से सहभागिता निभाते हुए लगभग 10 लाख पौधों का रोपण करेंगे।

*हरिद्वार मेँ ज्वालापुर ब्रांच के सेवदारों द्वारा इस अभियान के तहत पौधरोपण किया जाएगा।*

यह व्यापक अभियान पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ हरित एवं स्वस्थ भविष्य के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

इस अभियान की विशेषता यह है कि मिशन केवल पौधे लगाने तक अपनी जिम्मेदारी सीमित नहीं रखता, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक निरंतर संरक्षण देने का संकल्प भी निभाता है। प्रत्येक पौधे की तीन से पाँच वर्षों तक नियमित देखभाल की जाएगी, ताकि वे विकसित होकर सघन लघु वनों का रूप लें, जैव विविधता को समृद्ध करें, स्थानीय इकोसिस्टम को सशक्त बनाएँ और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं हरित वातावरण प्रदान कर सकें।

आज जब विश्व जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के पतन जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है, ऐसे समय में संत निरंकारी मिशन का यह हरित संकल्प प्रत्येक नागरिक को प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का संदेश देता है। यह अभियान हमें स्मरण कराता है कि धरती केवल हमारी विरासत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी सांझा जिम्मेदारी है। आइए, एक पौधा लगाकर, उसे वृक्ष बनाकर और प्रकृति के संरक्षण का संकल्प लेकर हम सभी इस हरित परिवर्तन के सहभागी बनें।

विज्ञापन
Copyright © All rights reserved. | Sakshar Haridwar Powered by www.WizInfotech.com.