पत्रकारिता को कलंकित करते फुटपाथीये लोग

सम्पादक प्रमोद कुमार
हरिद्वार की पावन धरती पर बने मठ मंदिर आश्रमों में होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों तथा भंडारे आदि में आजकल पत्रकारिता की आड़ में फुटपाथये घुस जाते हैं तथा पत्रकारिता की आड़ में छुपे यह बहरूपिये संपूर्ण पत्रकारिता जगत को कलंकित कर रहे हैं कल तक जो फुटपाथ पर एक-एक दो-दो रुपए के लियें मारामारी करते थे वह पत्रकारिता का चोला औढकर कार्यकर्मों में घुस जाते हैं और समाचार कही लिखते नहीं सभी मठ मंदिर आश्रम अखाड़े से निवेदन है की भंडारे में मिलने वाली दक्षिण से कुछ फुटपाथीये लोग फर्जी रूप से पत्रकार बताकर लोगों को ठग रहे हैं जिससे संपूर्ण पत्रकारिता जगत कलंकित हो रहा है चार चार पांच पांच लोगों की टोली में पहुंचने वाले इन फर्जी पत्रकारों को जो समाचार कही लिखते नहीं ऐसे लोगों को भंडारे में दक्षिण देना पूरी तरह बंद कर दें ताकि पत्रकारिता में फर्जी वाडा पुरी तरह से बंद हो सके यह फुटपाथये पत्रकार एक दूसरे को सूचना देकर कई दर्जन लोग पत्रकारिता के रूप में धार्मिक कार्य कर्मों में उतार देते हैं इन्हें कई लोग संचालित कर रहे हैं यह लोग पुरी तरह से हराम का माल खाने के आदि हो गये हैं समाचार लिखना छापना इनके बस की बात नहीं मेहनत कर के खाना इन्हें अच्छा नहीं लगता इसलिये धार्मिक कार्यक्रम भंडारे आम जनता के बीच यह लोग ठग्गी लगते हैं और ले देकर खा पीकर साफ हो जाते हैं समाचार से ऐसे कुछ लोगों का कोई तालोकात नहीं ऐसे लोगों को सूचना देने वालों को उनकी कॉल डिटेल निकाल कर हम अगले समाचार में सबके सामने प्रदर्शित करेंगे कि उनके पास कैसे पहुंचती है भंडारे कार्य कर्मों और धार्मिक स्थलों की सूचना इनमें कुछ पत्रकार ठीक भी है इन लोगों के चक्कर में उनकी भी उपेक्षा होती है इसलिये ऐसे लोगों पर ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है