राष्ट्रीय नवजात शिशु सप्ताह के पालन की रिपोर्ट एम्स, ऋषिकेश नर्सिंग महाविद्यालय व नियोनेटोलॉजी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 15 से 21 नवंबर, 2023 तक नवजात शिशु सप्ताह मनाया गया

ऋषिकेश,राष्ट्रीय नवजात शिशु सप्ताह के पालन की रिपोर्ट
एम्स, ऋषिकेश नर्सिंग महाविद्यालय व नियोनेटोलॉजी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 15 से 21 नवंबर, 2023 तक नवजात शिशु सप्ताह मनाया गया । जिसकी थीम “सुरक्षा, गुणवत्ता और पोषण देखभाल- हर नवजात शिशु का जन्म अधिकार” रही। जबकि 17 नवंबर, 2023 को “छोटे कार्य, बड़ा प्रभाव: हर जगह हर बच्चे के लिए त्वचा से त्वचा की तत्काल देखभाल” थीम पर वर्ल्ड प्रि मेच्योर डे का आयोजन किया गया ।
राष्ट्रीय नवजात शिशु सप्ताह के दौरान, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता, स्टोन पेंटिंग प्रतियोगिता, समय से पहले जन्म विषय पर वेबिनार, लघु नाटिका और ‘घर आधारित नवजात शिशु देखभाल’ पर जन जागरूकता व्याख्यान जैसे कई कार्यक्रम आयोजित किए गए।
मंगलवार को आयोजित राष्ट्रीय नवजात शिशु सप्ताह के समापन समारोह में एम्स, ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर डॉ. मीनू सिंह ने सभा को संबोधित किया और सुरक्षित और पोषण संबंधी शिशु देखभाल पर जोर दिया। डीन (शैक्षणिक) प्रोफेसर जया चतुर्वेदी ने समयपूर्वता दिवस प्रि मेच्योर डे के विषय पर प्रकाश डाला और चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर आर.बी. कालिया ने नवजात शिशु मृत्यु दर और उसके कारणों के बारे में बताया। प्रिंसिपल नर्सिंग महाविद्यालय प्रोफेसर स्मृति अरोड़ा, एचओडी, नियोनेटोलॉजी विभाग डॉ. श्रीपर्णा बसु और सीएनओ, नर्सिंग सेवा विभाग सुश्री रीता शर्मा की देखरेख में आयोजित सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया व जिसमें अव्वल रहे प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र वितरित किए गए। नर्सिंग छात्रों और नर्सिंग अधिकारियों ने सभी कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
जबकि वेबिनार में डॉ. आशा पी. शेट्टी, प्रिंसिपल, कॉलेज ऑफ नर्सिंग एम्स भुवनेश्वर और सुश्री लेविस मुर्रे, एसोसिएट प्रोफेसर, कॉलेज ऑफ नर्सिंग एम्स दिल्ली ने भाग लिया। उन्होंने तत्काल कंगारू मदर केयर और माता और बच्चे की त्वचा से त्वचा संपर्क के महत्व पर चर्चा की ।
समापन समारोह के तहत मंगलवार को नर्सिंग फैकल्टी डॉ. मलार कोडी के संचालन में “घर पर आधारित नवजात शिशु देखभाल” विषय पर एक जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया । कार्यक्रम में लगभग 100 प्रसवपूर्व और प्रसवोत्तर माताओं और बहनों ने भाग लिया । डॉ. मयंक प्रियदर्शी द्वारा ‘आवश्यक नवजात शिशु देखभाल” के बारे मे जनता को जागरूक किया गया । साथ ही नर्सिंग अधिकारियों द्वारा एक रोचक लघु नाटिका प्रस्तुत की गई। साथ ही इस अवसर पर
एक प्रश्न उत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विशेषज्ञों ने नवजात शिशु की देखभाल और समय से पहले जन्म से संबंधित माताओं की शंकाओं का समाधान किया। समारोह के अंत में माताओं एवं देखभाल करने वालों को फलों की टोकरी वितरित की गई।
आयोजन टीम में डॉ. मलार कोडी एस., सुश्री रूपिंदर देयोल, सुश्री ममता ठाकुर, सुश्री अंजलि शर्मा, सुश्री वनिता, (नर्सिंग महाविद्यालय) और सुश्री वंदना (डीएनएस) शामिल थे।