धर्म और संस्कृति के साथ-साथ ज्ञान की गंगा बहेगी गंगा भक्ति आश्रम मे
प्रमोद कुमार हरिद्वार
हरिद्वार 19 सितंबर 2024 को अपने श्री मुख से उद्गार व्यक्त करते हुए परम विभूषित परम वंदनीय श्री महंत 1008 परम पूज्य स्वामी कमलेशानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा प्रातः स्मरणीय परम पूज्य गुरुदेव भक्ति पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 स्वामी राघवानन्द सरस्वती जी महाराज की पावन कृपा अनुसार परम पूज्य गुरुदेव की तृतीय पावन पुण्यतिथि बड़े ही धूमधाम हर्षोल्लास के साथ हरिद्वार के मठ मंदिर आश्रमो से पधारे महामंडलेश्वर महंत श्री महंत तपस्वी साधु संत ऋषि मुनियो के श्री मुख से बहने वाली ज्ञान रूपी गंगा में गोते लगाकर भक्त अपने जीवन को धन्य और कृतार्थ करेंगे इस अवसर पर 24 सितंबर 2024 को श्री रामायण अखंड पाठ प्रातः 8:00 बजे से 25 सितंबर 2024 को श्री राम कथा का भोग एवं पूर्ण आहुति प्रातः 9:00 होगी इस अवसर पर भक्तजनों के बीच उद्गार व्यक्त करते हुए आश्रम के श्री महंत परम वंदनीय कमलेशानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा गुरु सत्य का वह दर्पण होते हैं जो हमें सच्चाई का आईना दिखाते हुए धर्म कर्म भजन कीर्तन के माध्यम से भगवान के श्री चरणों तक पहुंचाते हैं इस पृथ्वी लोक पर गुरु से बड़ा हमारा कोई और हितैषी हो ही नहीं सकता गुरु मिलाते हैं ईश्वर से गुरु ही देते ज्ञान भव सागर की नैया के गुरु ही तारण हार गुरु ही हमारे सच्चे मार्गदर्शक हैं उनके ज्ञान रूपी सरोवर में स्नान करने के बाद मनुष्य अपने जीवन को धन्य कर लेता है जिस स्थान पर संतों का वास हो संतो के श्री वचनों की गंगा बह रही हो वह स्थान खुद में ही एक तीर्थ बन जाता है
 

