आनंद अखाड़े की पेशवाई ने सामाजिक समरसता और एकता का संदेश देते हुए छावनी मे किया प्रवेश

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प्रमोद कुमार सम्पादक हरिद्वार 

वरिष्ठ पत्रकार राकेश वालिया प्रयागराज,आनंदपीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर अनंत श्री विभूषित श्री श्री 1008 श्री स्वामी बालकानंद गिरि जी महाराज की अगुवाई में प्रयागराज में महाराजा अग्रसेन जी को समर्पित एक भव्य पेशवाई का आयोजन किया गया। यह पेशवाई अग्रसेन चौक से आरंभ होकर लोकनाथ चौक बाजार होते हुए महाकुंभ नगर स्थित हरिधाम सनातन सेवा ट्रस्ट के शिविर तक निकाली गई। पेशवाई में श्रद्धालु और भक्तों की भारी संख्या मौजूद थी, जो महाराजा अग्रसेन के प्रति अपनी श्रद्धा और आस्था प्रकट कर रहे थे। स्वामी बालकानंद गिरि जी महाराज ने इस आयोजन के माध्यम से समाज में सामाजिक समरसता और एकता का संदेश देते हुए कहा की आनंद अखाड़े की पेशवाई एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा है जो विशेष रूप से पुणे, महाराष्ट्र में देखने को मिलती है। यह पेशवाई एक प्रकार की धार्मिक अनुष्ठान है उन्होंने कहा की आनंद अखाड़े की पेशवाई के दौरान अखाड़े के संत महापुरुष अपने धार्मिक कर्तव्यों का पालन करते हुए, हाथी,घोड़े,उठ, रथ, झांकियों, ढोल, और अन्य संगीत वाद्ययंत्रों के साथनगर का भ्रमण करते हुए छावनी में पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि पेशवाई मे मौजूद संत महापुरुषों पर स्थानीय नागरिक एंव 29 राज्यों से आये वेश्य समाज के हजारों श्रद्धालुओं ने फूल बरसा कर सभी का स्वागत सम्मान किया।उन्होंने कहा की सैकड़ों नागा साधू एवं गाजे बाजे के साथ आरम्भ हुए इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी जी, पूर्व महापौर श्रीमती अभिलाषा गुप्ता नंदी जी, विनीत कुमार लोहिया जी और नंदकिशोर अग्रवाल जी भी उपस्थित रहे ।उन्होंने कहा की इन प्रमुख व्यक्तित्वों की गरिमामई उपस्थिति ने आयोजन को और भी भव्य बना दिया।

 

अखिल भारतीय अखाडा परिषद एवं माँ मनसादेवी मन्दिर ट्रस्ट अध्यक्ष श्री महंत रविन्द्र पूरी महाराज कहा की पेशवाई का मुख्य उद्देश्य धर्म का प्रचार करना, साधु-संप्रदाय के प्रति श्रद्धा दिखाना और स्थानीय समुदाय को धार्मिक उत्साह और जागरूकता प्रदान करना है। उन्होंने कहा की पेशवाई खासतौर पर स्थानीय लोग, श्रद्धालु, और पर्यटकों के बीच एक बड़ी धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर कों क़ायम रखने का मार्ग है। जिसके माध्यम से हम सनातन धर्म की जागरूकता का प्रचार भी करते हैं।प्रयागराज महा कुंभ मेला सकुशल संपन्न करना सभी संत महापुरुषों का कर्तव्य है।

मंत्री श्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी जी ने अपने संबोधन में महाराजा अग्रसेन के महान योगदान और उनके द्वारा समाज को दिए गए संदेशों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन की उपदेशों को अपने जीवन में उतारकर हम समाज में समानता और भाईचारे को बढ़ावा दे सकते हैं।

प्रवेश यात्रा के दौरान प्रयागराज शहर वासी एवं व्यापारी गण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत – प्रोत दिखाई दिए, उन्होंने इस दिव्य महाकुंभ प्रवेश यात्रा का भव्य स्वागत एवं अभिनन्दन किया, पेशवाई में हजारों की संख्या में लोग जुटे जो पूरे रास्ते में श्रद्धा और उत्साह के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने की परंपरा को जीवित रखा। इस आयोजन के माध्यम से धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक धरोहर और समाज सेवा के संदेश को एक साथ प्रस्तुत किया गया, जो प्रयागराज के जनजीवन में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है।इस अवसर पर आनंद अखाड़े के अध्यक्ष श्री महंत शंकारानंद, निरंजनी अखाड़े के सचिव श्री महंत राम रतन, श्री महंत ओमकार गिरी, महंत राधे गिरी, महंत दिनेश गिरी, स्वामी राजगीरी, आचार्य मनीष आदि के संग अनेक संत महापुरुष मौजूद रहे।

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