हरि भजन की युक्ति में ही कल्याण व मुक्ति का मार्ग छिपा है श्री महंत कमलेशानन्द सरस्वती
सम्पादक प्रमोद कुमार
हरिद्वार (वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोज मनोजानंद) खड़खड़ी स्थित गंगा भक्ति आश्रम मेभक्त जनों के बीच अपने श्री मुख से उद्गार व्यक्त करते हुए आश्रम के परमाध्यक्ष श्री महंत कमलेशानन्द सरस्वती महाराज ने कहा हरि के भजन में जीवन कल्याण के साथ-साथ मुक्ति की युक्ति भी छिपी हुई है कहनेे का मतलब यह है जो सच्ची आस्था के साथ हरि का भजन करता है उसका मानव जीवन तो सार्थक हो ही जाता है साथ-साथ परलोक भी सुधर जाता है इस घोर कलयुग में एक से एक घटनाये घटित हो रही है जिन्हें सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं इसलिये अपने मन को एकाग्रचित करने हेतु हरि भजन करें उससे आप कलयुग के प्रभाव से बचे रहेंगे और आपका यह जीवन तो सार्थक होगा ही परलोक भी सुधर जायेगा हरि भजन ही मन को तरह-तरह के संतापो व विकारों से बचा सकता है जिसके जीवन में भगवान हरि का सिमरन नहीं उसका जीवन निरार्थक है इस मां गंगा की पावन धरा हरिद्वार में जो भी भक्त सच्ची आस्था लेकर मां गंगा में स्नान करने के उपरांत गुरुजनों की शरण में जाता है गुरुजनों का पावन ज्ञान उनके मानव जीवन का उद्धार कर देता है और जो गुरु के बतायें मार्ग पर चलता है उसका लोक एवंम परलोक दोनों सुधर जाते हैं।
 

