महाकुंभ में सबको अपने स्वभाव के अनुसार ही दिखाई दिया. महाकुंभ का प्रताप महामंडलेश्वर संजय गिरी महाराज
सम्पादक प्रमोद कुमार
हरिद्वार कांगड़ी स्थित सद्गुरु आश्रम में अपने श्रीमुख से कुम्भ महापर्व का विश्लेषण करते हुए कहा जिसकी जैसी सोच जिसकी जैसी नियत उसको ऐसा दिखा महाकुंभ का प्रताप
 
●गिद्धों को शव दिखे
●सूअरों को गंदगी दिखी
●नास्तिकों को अंधविश्वास दिखा
●पाखंडियों को मंच दिखा
●वामपंथियों को कट्टरता दिखी
●मिशनरियों को भूखा हिंदू दिखा
●मीडिया को सिर्फ़ टीआरपी दिखी
●दोगलों को सिर्फ़ अव्यवस्था दिखी
●फेमिनिस्टों को पितृसत्ता दिखी
●बिके हुए बुद्धिजीवियों को नफ़रत दिखी
●कांग्रेसीयों को धर्मनिरपेक्षता ख़तरे में दिखी
●अर्बन नक्सलों को भगवा आतंक दिखा
●जेहादियों को लव जिहाद के शिकार दिखे
●पोप के एजेंटों को बपतिस्मा के ग्राहक दिखे
●दरबारी पत्रकारों को भक्तों का उन्माद दिखा
●राजनीतिक दलालों को राजनीति का मौक़ा दिखा
●हिंदू विरोधियों को संविधान ख़तरे में दिखा
●टुकड़े-टुकड़े गैंग को संघी साज़िश दिखी
●अल्पसंख्यक प्रेमियों को मुसलमान डरा हुआ दिखा
●वामपंथी इतिहासकारों को अपनी झूठी किताबें जलती दिखीं
●अयोध्या को बाबरी कहने वालों को सनातन का प्रतिशोध दिखा
●राम को मिथक कहने वालों को स्वयं राम का विजय ध्वज दिखा
●हिंदू विरोधी पार्टियों को उनकी राजनीति का अंत दिखा
●सनातन को मिटाने का सपना देखने वालों को अपनी क़ब्र खुदती दिखी
●जो हिंदू आतंकवाद की कहानी लिख रहे थे उन्हें हिंदू जागृति का महासंग्राम दिखा
●जो सनातन को जड़ मान बैठे थे उन्हें उसकी अमर बेल बढ़ती दिखी
●जो गजवा-ए-हिंद का सपना देख रहे थे उन्हें सनातन का शस्त्र उठता दिखा
●जो भारत तोड़ने की साज़िशें रच रहे थे उन्हें अखंड भारत की गरज सुनाई दी
●जो राम के अस्तित्व पर प्रश्न उठा रहे थे उन्हें रामराज्य का सूर्योदय दिखा
●जो हिंदू संतों का अपमान कर रहे थे उन्हें संतों की हुंकार सुनाई दी
●जो सनातन को 1000 साल में मिटा नहीं सके उन्हें अपनी औकात याद आई और सनातनियों को आस्था, अध्यात्म, मोक्ष और भारत की आत्मा दिखी
●जिनकी आत्मा काली हो, उन्हें गंगाजल भी कीचड़ लगेगा! जिनके पूर्वज ग़ुलाम थे उन्हें सनातन का वैभव नागवार गुज़रेगा!
●महाकुंभ में जिनके भीतर हिंदू रक्त बह रहा था उन्हें दिव्यता का अनुभव हुआ और जिनकी नसों में गुलामी का ज़हर था उन्हें अपनी राजनीति डूबती दिखी!
●जो लोग हिंदू धर्म के अस्तित्व पर प्रश्न उठा रहे थे उन्हें महाकाल का तांडव दिखा! सनातन मरा नहीं था बस जाग रहा था, अब यह जागरण प्रलय लेकर आएगा!
●महाकुंभ में आस्था के महासागर में जो डूबा वो पार हो गया और जो इसकी दिव्यता से जल गया वो ख़ाक हो गया!
आगे केवल सनातन का उत्थान है और अधर्म का संपूर्ण विनाश!
मेरे सनातनी मित्रो यह पोस्ट रुकनी नहीं चाहिए यही आपसे विनम्र निवेदन हैं…
सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः
*नए भारत का वैश्विक संकल्प…*
*सनातन वैदिक धर्म…विश्व धर्म*
*अखंड हिंदु राष्ट्र भारत…विश्व गुरु भारत*
धर्मो रक्षति रक्षितः.

