कहते हैं सूर्य को किसी के परिचय की आवश्यकता नहीं होती इसी प्रकार प्रतिभा भी खुद उभर कर सामने आती है प्रतिभावान बालक दास की प्रतिभा उभर कर सामने आ रही है
सम्पादक प्रमोद कुमार
हरिद्वार 8 मार्च 2025 (वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानंद) भूपतवाला स्थित श्री राम निकेतन में अपने गुरु महंत ज्ञानानन्द महाराज के पावन सानिध्य में निरंतर नित्य नई कलाये प्रदर्शित कर तरह तरह के नये-नये प्रचलित आसान कर योग के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने के लियें निरंतर प्रयासरत है बालक दास कहने के लिये छोटा बालक है किंतु उसमें एक प्रखर विद्वान उभर कर सामने आ रहा है संत महापुरुषों का सानिध्य उसके प्रतिभावान जीवन को और अधिक प्रकाशमान बना रहा है वे लोग बड़े ही भाग्यशाली होते हैं जिन्हें सतगुरु की शरण प्राप्त होती है ऐसे प्रखर बाल विद्वान बालक दास महाराज विभिन्न प्रकार की योग कलाओं के साथ-साथ संस्कृत के भी प्रखर विद्वान के रूप में उभर कर सामने आ रहे हैं उन्हें अनेक चौपाई तथा धार्मिक पुस्तकों का कंठस्थ ज्ञान निरंतर प्राप्त होना उनके गुरु श्री ज्ञानानंद जी महाराज का भी उन पर विशेष स्नेह तथा उनका तपोबल मान सकते हैं आने वाले समय में यह बालक दास प्रतिभावान विद्वानों के लियें मिसाल कायम कर सकता है
 

