श्री नरेश्वर धाम ट्रस्ट के तत्वाधान में एक विशाल संत समागम तथा भंडारे के रूप में बड़े ही धूमधाम हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ
संपादक प्रमोद कुमार
हरिद्वार परम पूज्य श्री रंग अवधूत महाराज की 58 वी पावन पुण्यतिथि हजारों संत महापुरुषों की गरिमा मय उपस्थित के बीच संपन्न हरिद्वार निरंजनी अखाड़ा रोड स्थित आर्य निवास में श्री नरेश्वर धाम ट्रस्ट के तत्वाधान में एक विशाल संत समागम तथा भंडारे के रूप में बड़े ही धूमधाम हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई इस अवसर पर बोलते हुए श्री पाद पाठक ने कहा परम पूज्य श्री रंग अवधूत जी महाराज ईश्वर की प्रतिमूर्ति थे हम भक्तजनों के मार्गदर्शन हेतु पृथ्वी पर अवतरित हुए थे तथा उन्होंने भक्ति पूर्ण संदेश देते हुए कहा इस मन को इतना निर्मल बना लो इसके अंदर दूसरे मनुष्यों तथा जीवों के प्रति दया भाव कूट-कूट कर भर लो की आपको किसी ईश्वर भक्ति या आराधना की आवश्यकता ना पड़ेगी क्योंकि परोपकार और निर्मल मन सीधे ईश्वर की आराधना है जिनका मन निर्मल होता है उनके हृदय में सदैव ईश्वर का वास होता है इस अवसर पर श्री रमेश भाई ने कहा परम पूज्य गुरुदेव ज्ञान का एक विशाल सागर थे इस अवसर पर हजारों की संख्या में संत महापुरुष तथा भक्तगण उपस्थित थे सभी ने आयोजित विशाल भंडारे में भोजन प्रसाद ग्रहण किया तथा संत महापुरुषों के श्री मुख से बही ज्ञान की सरिता में गोते लगाकर अपने जीवन को धन्य तथा कृतार्थ किया
 

