क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के बैनर तले काकोरी के शहीदों की याद में “साझी शहादत साझी विरासत”पर विचार गोष्ठी की गयी
सम्पादक प्रमोद कुमार
हरिद्वार जिले के लक्सर विकास खंड के बादशाहपुर में क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के बैनर तले काकोरी के शहीदों की याद में “साझी शहादत साझी विरासत”पर विचार गोष्ठी की गयी।
 
गोष्ठी का संचालन करते हुए क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के संयोजक नासीर अहमद ने कहा कि काकोरी के शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि वर्तमान समय की चुनौतियों के लिए सड़कों पर उतर कर पूंजीवाद और साम्राज्यवाद और फासीवाद के खिलाफ संघर्ष कर मजदूर और मेहनतकशो का राज समाजवाद को स्थापित करने के लिए आगे आना होगा।
गोष्ठी में इंकलाबी मजदूर केंद्र के पंकज कुमार ने कहा कि आज देश में केंद्र की भाजपा सरकार और संघ द्वारा फासीवादी सोच के तहत कारपोरेट पूंजीपतियों को मालामाल करने के लिए मजदूर -मेहनतकशों का शोषण करने के लिए काले कानूनों को लाया जा रहा है।
पहले किसानों के खिलाफ तीन काले कृषि कानूनों को लाया गया, इसका पुरजोर विरोध हुआ,700 किसानों की शहादत के बदौलत मोदी सरकार को काले कृषि कानूनों को वापस लेना पड़ा।
अभी 21 नवंबर को मोदी सरकार ने मजदूरों को गुलाम बनाने के चार मजदूर विरोधी श्रम संहिताओं को लागू कर दिया है इसके खिलाफ भी मजदूर संगठन एकजुट होकर संघर्ष कर रहे हैं।
गोष्ठी में प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र की नीता ने कहा कि काकोरी के शहीदों का सपना एक समता मूलक समाज की स्थापना और जहां मजदूर मेहनतकशों का शोषण न हो।गरीबी बेरोजगारी का नामोनिशान न हो।
महिलाओं को वास्तविक सम्मान मिले।
प्रगतिशील भोजनमाता संगठन की रजनी ने कहा कि भाजपा सरकार ने महिला सशक्तिकरण और बेटी बचाओ -बेटी पढ़ाओ का झूठा नारा दिया है
स्कीम वर्कर्स भोजन माताओं को मात्र 3000 रुपये में बेगारी करा रही हैं।
गोष्ठी की शुरुआत एक क्रांतिकारी गीत से शुरू हुआ। सुबह पहले बादशाहपुर अड्डै पर क्रांतिकारी व प्रगतिशील साहित्य का बुक स्टाल लगाकर, प्रचार प्रसार किया किया।
गोष्ठी में महिपाल, विनोद, कविता,बाला, शकुंतला,रीना, सुन्दरी आदि शामिल रहे।

