पतंजलि विश्वविद्यालय की छात्राओं ने रचा इतिहास, विश्वविद्यालय में खुशी की लहर, राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती पहचान

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संपादक प्रमोद कुमार

हरिद्वार, 10 अप्रैल 2026। पतंजलि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए योगासन खेल में फिर एक बार उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। यह विश्वविद्यालय योग, आयुर्वेद और भारतीय ज्ञान परंपरा के संवर्धन के लिए प्रसिद्ध है तथा शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों में निरंतर प्रगति कर रहा है।

 

हाल ही में आयोजित अस्मिता- खेलो इंडिया महिला योगासन लीग के राष्ट्रीय योगासन चैम्पियनशिप (2025–26) में विश्वविद्यालय की दो छात्राओं—एम.ए. प्रथम वर्ष की पिंकी और मनीषा ने योगा कोच डॉ. आरती पाल के मार्गदर्शन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कलात्मक समूह योगासन प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। यह प्रतियोगिता 29 से 31 मार्च 2026 के बीच दिल्ली में आयोजित की गई। पिंकी और मनीषा का चयन उत्तरी क्षेत्र (नॉर्थ ज़ोन) से हुआ था। दोनों छात्राओं ने संतुलन, लचीलापन, तालमेल और प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से निर्णायकों को प्रभावित किया। उनकी इस उपलब्धि के लिए उन्हें स्वर्ण पदक तथा ₹75,000 के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

इस कार्यक्रम के माध्यम से देशभर की महिला खिलाड़ियों को विभिन्न स्तरों—जिला, राज्य, ज़ोनल और राष्ट्रीय—पर प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिलता है। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना, उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना और खेलों के माध्यम से उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास को सुनिश्चित करना है। यह पहल न केवल खेलों को बढ़ावा देती है, बल्कि “फिट इंडिया” और महिला सशक्तिकरण जैसे राष्ट्रीय अभियानों को भी मजबूती प्रदान करती है।

इस सफलता के बाद विश्वविद्यालय परिसर में हर्ष और उत्साह का वातावरण है। शिक्षकों और विद्यार्थियों ने इसे पूरे संस्थान के लिए गर्व का क्षण बताया। योग अब एक प्रतिस्पर्धात्मक खेल के रूप में तेजी से उभर रहा है। पतंजलि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की यह उपलब्धि अन्य छात्रों के लिए प्रेरणादायक सिद्ध होगी।

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