राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में हुई ऐतिहासिक भागीदारी सुबह बाइक हादसा, शाम को मैदान में गूंजा कांग्रेस का जयकारा – ईशम सिंह
संपादक प्रमोद कुमार
चोट के बावजूद हौसला नहीं टूटा, गांव आन्नेकी से सैकड़ों कार्यकर्ताओं संग देहरादून पहुंचे कांग्रेस नेता ईशम सिंह
 
हरिद्वार, कांग्रेस के प्रति समर्पण और राहुल गांधी के आह्वान पर कार्यकर्ताओं का जज्बा उस समय देखने को मिला जब उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित विभाग के महासचिव *ईशम सिंह* सुबह हुए सड़क हादसे के बावजूद अपने साथियों के साथ ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में पहुंचे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आज दिनांक 17/07/2024 दिन शुक्रवार को ईशम सिंह के नेतृत्व में गांव आन्नेकी के ग्रामवासियों का एक बड़ा जत्था बसों द्वारा देहरादून के बन्नू स्कूल मैदान पहुंचा। सभी लोग आदरणीय राहुल गांधी जी के आवाहन पर आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में भाग लेने के लिए उत्साहित थे।
*हादसे के बाद भी नहीं रुका कारवां*
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम वाले दिन सुबह ही ईशम सिंह बाइक द्वारा हलवाई का सामान लाते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे। हादसे में उन्हें चोटें भी आईं। लेकिन कांग्रेस और राहुल गांधी के प्रति उनकी निष्ठा इतनी प्रबल थी कि प्राथमिक उपचार के बाद भी उन्होंने कार्यक्रम में जाने का निश्चय नहीं बदला।
ईशम सिंह ने कहा, “राहुल गांधी जी छात्रों और युवाओं की आवाज बनकर देहरादून आ रहे हैं। ऐसे में चोट छोटी है, आंदोलन बड़ा है। गांव आन्नेकी के सभी साथियों के साथ हम बन्नू स्कूल मैदान पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।”
*बन्नू मैदान में गूंजा गांव आन्नेकी का जोश*
इसके बाद महासचिव ईशम सिंह अपने सभी ग्रामवासियों के साथ बस द्वारा देहरादून बन्नू स्कूल मैदान पहुंचे। वहां उन्होंने छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ राहुल गांधी के संबोधन को सुना और कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ईशम सिंह के इस समर्पण की जमकर सराहना की। नेताओं ने कहा कि ईशम सिंह जैसे जमीनी कार्यकर्ताओं के कारण ही कांग्रेस का संगठन गांव-गांव तक मजबूत हो रहा है। चोट के बाद भी कार्यक्रम में पहुंचकर उन्होंने साबित कर दिया कि कांग्रेस कार्यकर्ता हर परिस्थिति में जनता की आवाज बनने के लिए तैयार हैं।
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में गांव आन्नेकी से पहुंचे लोगों की उपस्थिति विशेष रूप से चर्चा का विषय बनी रही।

