विकास कार्यों पर सवाल उठाना विकास का विरोध नहीं है। यह लोकतंत्र में जनता का अधिकार है-हेमा भंडारी
हरिद्वार दिनांक: 09 सितम्बर 2026 *विषय: कुंभ-2027 के नाम पर हरिद्वार में ‘रीवर्क मॉडल’ का विकास – जनता के पैसे की बर्बादी पर जन अधिकार पार्टी का सवाल*
 
विकास कार्यों पर सवाल उठाना विकास का विरोध नहीं है। यह लोकतंत्र में जनता का अधिकार है।
जन अधिकार पार्टी जनशक्ति की राष्ट्रीय महासचिव हेमा भण्डारी ने आज कुंभ-2027 की तैयारियों को लेकर चल रहे कार्यों पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि हरिद्वार में विकास का एक अजीब मॉडल चल रहा है –
*पहले निर्माण, फिर आपत्ति, फिर तोड़फोड़, फिर नया निर्माण।*
अगर यही सिलसिला चलता रहा तो इसे विकास कहें या सरकारी ‘रीवर्क प्रोजेक्ट’ का मॉडल?
हेमा भण्डारी ने कहा –
*1. कुंभ एक ऐतिहासिक अवसर है, प्रयोगशाला नहीं:*
कुंभ-2027 हरिद्वार के लिए सदियों में आने वाला अवसर है। यह शहर को अगले 50 साल के लिए स्थायी रूप से बेहतर बनाने का मौका है, न कि प्रयोग करके देखने का। आज जो बन रहा है, कल उसे तोड़ना पड़े तो यह विकास नहीं, योजनाहीनता है।
*2. सरकार बताए – यह जनता के पैसे का ट्रायल रन है क्या?* एक सड़क बनती है, फिर सीवरेज के लिए तोड़ी जाती है। फुटपाथ बनता है, फिर ड्रेनेज के लिए उखाड़ा जाता है। घाट बनता है, फिर डिजाइन गलत बताकर दोबारा बनाया जाता है। हर बार पैसा जनता का लगता है, ठेका किसी नए चहेते को मिलता है। आखिर DPR, जमीन की हकीकत और तकनीकी जांच काम शुरू होने से पहले क्यों नहीं होती?
*3. हरिद्वार को कैसा विकास चाहिए?*
आज हरिद्वार की जनता पूछ रही है – कुंभ के नाम पर हमें ऐसा विकास चाहिए जिसे देखकर जनता कहे – वाह! ये बना है कुंभ के लिए।
या ऐसा विकास जिसे देखकर जनता कहे – “पहले बनाया किसने था, और अब तोड़ कौन रहा है?”
*जन अधिकार पार्टी जनशक्ति की तीन मांगें:*
*क)* कुंभ-2027 के सभी कार्यों का थर्ड पार्टी सोशल ऑडिट हो – कितने काम पहले बने और फिर तोड़े गए, इसकी लिस्ट सार्वजनिक हो।
*ख)* हर बड़े निर्माण से पहले जमीन की हकीकत, ड्रेनेज और ट्रैफिक प्लान पर स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों की राय ली जाए, सिर्फ कागज पर बैठकर नक्शा न बने।
*ग)* जनता के पैसे का हिसाब – एक-एक प्रोजेक्ट की लागत, री-वर्क की लागत और जिम्मेदार अधिकारी का नाम वेबसाइट पर डाला जाए।
हेमा भण्डारी ने अंत में कहा – “कुंभ आने वाला है, हरिद्वार कोई ट्रायल रन नहीं है। हम विकास के खिलाफ नहीं, विनाश के खिलाफ हैं। अगर सरकार ने इस रीवर्क मॉडल को नहीं रोका तो जन अधिकार पार्टी जनशक्ति सड़कों पर उतरकर हर तोड़ी गई सड़क और हर बर्बाद हुए पैसे का हिसाब मांगेगी।”



