भेल हरिद्वार मे एटक यूनियन द्वारा यूनियन का 107 वां स्थापना दिवस बड़े ही जोश के साथ मनाया गया- संदीप चौधरी
संपादक प्रमोद कुमार
हरिद्वार दिनांक 31 अक्टूबर 2026 को पूरे भारत वर्ष के अन्दर मजदूरो के द्वारा एटक का स्थापना दिवस समारोह बडे ही धूमधाम से मनाया जा रहा है , आज के दिन एटक यूनियन अपने संघर्षो के 106 वर्ष पूर्ण कर चुकी है। आज ही के दिन आँल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC), भारत की प्रथम केंद्रीय ट्रेड यूनियन की स्थापना 31 अक्टूबर 1920 को शेरे पंजाब लाला लाजपत राय की अध्यक्षता मे हुई थी।
 
इसी कडी मे आज भेल हरिद्वार मे भी एटक यूनियन द्वारा यूनियन का 107 वां स्थापना दिवस बड़े ही जोश के साथ मनाया गया। इसी कड़ी में सर्वप्रथम एटक यूनियन के सैकड़ों कार्यकर्ता हीप मेन गेट पर एकत्रित हुये एवं नारेबाजी करते हुते जुलूस के रुप में यूनियन कार्यालय लुम्बा-नागर भवन, सेक्टर-5बी पर पहुंचे इसके बाद यूनियन कार्यालय पर ध्वजारोहन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गयी।
इस दौरान एटक, हीप के महामंत्री सन्दीप चौधरी ने कहा कि एटक यूनियन के पास मजदूरो वर्ग के त्याग, संघर्ष एवं बलिदानो का एक स्वर्णिम इतिहास है। आज देश के अन्दर ट्रेड यूनियन आन्दोलन को 106 वर्ष पूर्ण हो गये है। एटक एक मात्र ऐसी ट्रेड यूनियन जिसने मजदूरो की लडाई के साथ स्वतंत्रता आन्दोलन मे भी बढ-चढकर भाग लिया था। ट्रेड यूनियन एक्ट 1926 एवं वर्कर्स कम्पन्शेसन एक्ट 1923 एटक की बडी उपल्बधी है।
भेल के अन्दर श्रमिको की प्रबन्धन मे भागीदारी के तहत जेसीएम का गठन कराने मे भी एटक की महत्वपूर्ण भूमिका रही है परंतु आज भेल प्रबंधिका जेसीएम का भी सम्मान नहीं कर रही जिसका ताजा उदाहरण बोनस/एसआईपी पर लिया गया एकतरफा निर्णय है तथा इसके साथ ही अन्य विषयों पर भी भेल प्रबंधिका द्वारा जो हठधर्मिता मजदूरों की समस्याओं के प्रति दिखाई पड़ रही है आने वाले समय में एटक यूनियन इसका पूरजोर विरोध ओर तीव्र करेगी।
हम सभी आज संकल्प लेते है कि भेल के श्रमिको की समस्याओ के निदान हेतु ट्रेड यूनियन आन्दोलन को ओर अधिक मजबूत करेंगे।
एटक, भेल के अध्यक्ष का. नईम खान ने कहा कि भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू,नेताजी सुभाषचंद्र बोस, सी.एफ एन्ड्रयूज, जे.एम. सेनगुप्ता, सत्यमूर्ति, कामरेड वी.वी. गिरी जी एवं सरोजिनी नायडू जैसे राष्ट्रवादी नेताओं ने एटक का प्रतिनिधित्व किया।
एटक के नक्शे कदम पर चल कर आज देश में 13 सेन्ट्रल ट्रेड यूनियन और लगभग 65 हजार रजिस्टर्ड ट्रेड यूनियन काम कर रही हैं । इसीलिए एटक को ट्रेड यूनियन का जन्मदाता भी कहा जाता है।
एटक के जिलाध्यक्ष का मुनरिका यादव ने कहा कि एटक की स्थापना के बाद से ही एटक यूनियन का उद्देश्य रहा है कि मजदूर वर्ग की आर्थिक और सामाजिक स्थितियों में सुधार करना है एवं अपने रोजगार से संबंधित सभी मामलों में श्रमिकों के हितों, अधिकारों और विशेषाधिकारों को देखना,बढ़ावा देना,उनकी सुरक्षा करना और उन्हें आगे बढ़ाना है।
एटक, उत्तराखण्ड के प्रदेश अध्यक्ष एम. एस. त्यागी ने कहा कि एटक यूनियन की स्थापना ऐसे समय पर हुई जब देश अंग्रेजी हुकूमत का गुलाम था, चारो ओर उत्पीडन, शोषण व्याप्त था। एटक ने गठन के बाद से ही लगातार मजदूरो की समस्या, माँगो के लिये तथा साथ ही साथ अंग्रेजी सरकार से भारत वर्ष की आजादी के लिये लगातार संघर्ष किया है।
आज के दौर मे आज के दौर मे पूँजिपतियो के गठजोड द्वारा फिर से मजदूरो को 106 वर्ष पुराने इतिहास की ओर धकेले जाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे सार्वजनिक क्षेत्र का मजदूर भी अछुता नही है। यदि हम भेल सहित किसी भी सार्वजनिक क्षेत्र की बात करे तो हालात समान ही दिखायी पडती है चाहे कोई मुनाफे मे हो चाहे घाटे मे हो, सभी के ऊपर विनिवेशीकरण/निजीकरण का खतरा मडरा रहा है। मजदूरो को प्राप्त हो रहे अधिकारो, सुविधाओ, वित्तीय सुविधाओ मे निरंतर कटौती जारी है, आगे गहन संघर्ष के दिन है, इन संघर्षों के लिए ट्रेड यूनियनों को एकजुट किया जाना महत्वपूर्ण है।
आज के कार्यक्रम में एटक के जिलाध्यक्ष मुनरिका यादव, सुभाष त्यागी, विकास कुमार, नरेश सिंह, अजित सिंह, नरेश नेगी, मनमोहन कुमार, संतोष तिवारी, घनश्याम यादव, अमृत रंजन, अनुराग सेमवाल, अशोक शर्मा, नरेश सैनी, सचिन राठी, सुनील कुमार चौहान, जितेन्द्र कुमार, धीरज बालियान, तरुण डूडेजा, देवाशीष जोशी, अतुल सोनार, रविकान्त त्यागी, सचिन शर्मा, रवि राय, बालेंद्र सिंह, परमजीत सिंह, दिलीप कुमार साहू, गजेन्द्र कुमार, विनित कुमार,ऋषिपाल सिंह, छतर सिंह, पवन कुमार, देवीप्रसाद कानूनगो, सतेंद्र कटारिया, विक्रान्त त्यागी, राजकुमार, चिरंजीवी कुमार, गोपाल शर्मा, संजीत यादव, मानस कुमार पांडा, भूषण मेहता, जितेन्द्र प्रसाद, चंद्रमोहन सिंह, भुवन भट्ट, भूपेन्द्र सिंह, रोहित सिंह, श्याम कुमार,रणबीर सिंह, संकल्प त्यागी, अजय धीमान, सतीश कुमार, मांगेराम यादव, प्रद्युम्न कुमार, दीपक कुमार, आशीष यादव सहित सैकड़ों श्रमिक साथी उपस्थित रहे।



