मन की इंद्रियों के घोड़े पर लगाम लगाना जरूरी महामंडलेश्वर श्री संजय गिरी महाराज
प्रमोद कुमार हरिद्वार
हरिद्वार (वरिष्ठ पत्रकार मनोज ठाकुर)कांगड़ी स्थित श्री प्रम गिरि वनखंडी धाम मे क्तजनों के बीच अपने श्री मुख से उद्गार व्यक्त करते हुए जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर परम विभूषित परम वंदनीय 1008 श्री श्री महामंडलेश्वर संजय गिरी जी महाराज ने अपने श्री मुख से कहा मन बड़ा चंचल होता है यह हवा के बहाव से भी तेज दौड़ता है इसलिए मन की इंद्रियों पर लगाम लगाना अति आवश्यक होता है मन जो कहता है उसके अनुरूप चलना सदैव ठीक नहीं होता दुनिया में सबसे भाग्यवान वही है जिसके पास भोजन के साथ-साथ भूख है बिस्तर के साथ-साथ नींद है और धन के साथ-साथ धर्म है चर्चा और निंदा यह केवल सफल व्यक्तियों के भाग्य में ही होती है इसलिए सफर जारी रखिए किसी की अनर्गल बातों में आकर अपने कर्तव्य पथ से नहीं मुड़ना है हमें अपने मस्तिष्क गुरुजनों के दिए गए ज्ञान के अनुसार आगे बढ़ते जाना है और एक दिन भगवान श्री हरि के चरणों में विलीन हो जाना है बोलो श्री सत्यनारायण भगवान की जय
 

