भगवान राम का भजन प्राप्त करने के लिए सांसारिक व्यवधानों का तर्पण करना पड़ता है तब मिलते हैं भगवान श्री राम श्री महंत सूरज दास जी महाराज
प्रमोद कुमार हरिद्वार
हरिद्वार 27 अप्रैल 2024( वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोज कुमार) भूपतवाला स्थित श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर सीताराम धाम में भक्तजनों के बीच अपने श्री मुख से उद्गार व्यक्त करते हुए श्री महंत सूरज दास जी महाराज ने कहा भगवान राम भगवान हरि भगवान वीर बजरंगबली तक पहुंचाने के लिए एक साधक को सांसारिक सुख मोह माया व्यवधानों का तर्पण करना पड़ता है साधक को अपनी सारी इच्छाएं समाप्तकर अपने तन मन और शरीर को साधना पड़ता है इसी का नाम है साधना जिसे एक योगी ही साध सकता है कहने का तात्पर्य यह है की गुरुजन संत महापुरुष सभी सांसारिक मोह माया को त्याग कर सभी सांसारिक सुखों का तर्पण कर अपनी साधना के माध्यम से अपने आराध्य भगवान श्री राम भगवान श्री हरि के श्री चरणों में पहुंचते हैं तथा उन्हीं के साथ उस साधक के भक्तजन भी गुरु की साधना के बल पर भवसागर को तैर कर पार हो जाते हैं संत महापुरुष गुरुजन जो भी कार्य करते हैं वह अपने भक्तों के कल्याण के लिए करते हैं गुरुजनों के द्वारा किए जाने वाले यज्ञ अनुष्ठान भंडारे पूजा पाठ तथा तपस्या में भक्तों के कल्याण की भावना निहित होती है गुरु सा कोई सानी नहीं गुरु ही इस पृथ्वी लोक पर परमात्मा का स्वरूप है इसलिए हे भक्तजनों गुरुद्वारा दिखाये गए मार्ग पर चलो जब भी समय मिले भगवान का भजन करो भजन ही इस सृष्टि में मनुष्य के कल्याण और तर्पण का माध्य है बाकी यह सब सुख सुविधा सांसारिक मोह माया ठगनी है यह आपके इस हीरा जीवन को अपनी माया में छलकर आपको अनावश्यक कार्यों में उलझाए रखती है इसलिए माया के प्रभाव से बचो और भगवान राम का भजन करके कल्याण रूपी सत्य का मार्ग पकड़ो अपनी सभी जिम्मेदारियां का निर्माण करते हुए मनुष्य को धर्म कर्म के कार्यों में भी अपनी सहभागिता निभानी चाहिए सत्संग ही सत्य की राह है एक घड़ी आधी घड़ी आधी से पुण्याद तुलसी संगत साद की कटे कोट अपराध
 

