भगत के मन की सच्ची आस्था और श्रद्धा ही उसे भगवान से मिलाती है श्री महंत कमलेशानंद सरस्वती

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प्रमोद कुमार हरिद्वार 

हरिद्वार खड़खड़ी श्री गंगा भक्ति आश्रम मे भक्तजनों के बीच अपने श्री मुख से ज्ञान की वर्षा करते हुए परमाध्यक्ष श्री महंत 1008 श्री कमलेशानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा भगवान अपने भक्त की सच्ची आस्था और लगन देखते हैं भगवान को किसी चढ़ावे या भोग की आवश्यकता नहीं भगवान तो भगत के मन के भाव के भूखे हैं जो उन्हें एक बार सच्ची आस्था से पुकारता है भगवान किसी न किसी स्वरूप में अपने भक्त की मदद के लिए दौड़े चले आते हैं इस कलयुग में भगवान का भजन राम नाम की महिमा का गुणगान ही मनुष्य को भवसागर पार जाने का मार्ग दिखाता है गुरुजन धर्म कर्म के माध्यम से अपने भक्तों को सत्य की राह पर ले जाते हुए उनका जीवन कल्याण की ओर अग्रसर करते हैं गुरु ही भक्तों को उंगली पड़कर भगवान से मिलते हैं इस पृथ्वी लोक पर गुरु ही ईश्वर के प्रतिनिधि हैं।

 

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