दुख सदा पीछे की तरफ देखता है और चिंता सदा इधर-उधर देखती हैं विश्वास और आत्म बल हमेशा आगे की ओर ही देखता है श्री महंत श्यामसुंदर दास जी महाराज
प्रमोद कुमार हरिद्वार
मनोज ठाकुर,हरिद्वार श्यामपुर स्थित श्री श्याम वैकुंठ धाम के परमाध्यक्ष 1008 श्री महंत श्यामसुंदर दास जी महाराज ने भक्तजनों के बीच अपने श्री मुख से उदगार व्यक्त करते हुए कहा दुख सदा पीछे की तरफ देखता है तथा दुख का बार-बार वर्णन करने से मनुष्य को आहत करता है तथा पीछे की तरफ धखेलता हैं हमें जीवन में आलोचना करने वालों का भी सदा आदर करना चाहिए क्योंकि वह हमारी अनुपस्थिति में भी हमारे नाम की चर्चा समाज में रखते हैं हमें जीवन में किसी दूसरे का उदाहरण पेश करना बहुत आसान लगता है लेकिन बहुत ही मुश्किल होता है स्वयं कोई उदाहरण बनाना जो इन सब बातों की परवाह किये बिना अपने लक्ष्य की ओर बढ़ा चला जाता है वह सदा बुलंदियों के शिखर पर पहुंचता है किंतु इसमें ईश्वर का साथ होना आवश्यक है जो मन में ईश्वर का नाम धारण किये सत्य के पथ पर चलते हुए आगे बढ़ते है उसे कोई पीछे धकेल नहीं सकता बुलंदियों पर पहुंचने के लिए मन में बड़ों के प्रति सम्मान अच्छे संस्कार और हरि का भजन होना नितांत आवश्यक गुरु ज्ञान के माध्यम से भक्तों में उच्च संस्कार उत्पन्न करते हैं साथ ही उनकी बुद्धि के विकास के लिए उन्हें उन बातों का वर्ण कराते हैं जिन बातों से वे अनभिज्ञ होते हैं
 

