जो धर्म अनुरागी होता है धर्म में जिसकी निष्ठा होती है वही परमात्मा के द्वार पर जाता है प्रख्यात कथा मर्मज्ञ श्री सुधा जी

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प्रमोद कुमार सम्पादक

हरिद्वार राजघाट कनखल में भक्तजनों के बीच अपने श्रीमुख से उद्गार व्यक्त करते हुए कथा मर्मज्ञ श्री सुधा वेदांताचार्य ने कहा जो व्यक्ति धर्म अनुरागी होता है जिसकी धर्म में निष्ठा होती है वही परमात्मा के द्वार पर जाता है और अपने घर में यज्ञ अनुष्ठान भंडारे कथा तथा धार्मिक धर्म ग्रंथो के श्रवण हेतु आयोजन करता है मनुष्य का जीवन नाशवान है इसलिए इस जीवन में जो भी मन की इच्छा है वह मनुष्य को पूर्ण कर लेनी चाहिए अगर भजन करने की इच्छा है तो भजन करो अगर घूमने फिरने की इच्छा है तो घूम फिर लो अगर दान सत्कर्म आदि करना चाहते हो तो कर लो क्योंकि इस नासवान जीवन का कोई भरोसा नहीं कब परलोक जाने का बुलावा आ जाए इसलिए मनुष्य को अपने कर्तव्यो दायित्वो के प्रति हमेशा जागरूक होना चाहिए अपनी जिम्मेदारियां से कभी मुंह नहीं मोडना चाहिए धर्म कर्म ही वह माध्यम है जो मनुष्य को कल्याण की ओर ले जाता है संत महापुरुषों का सानिध्य वह परम सानिध्य जो भक्तजनों को ईश्वर की ओर ले जाता है भलाई बुराई में समय व्यर्थ करने की बजाय हरि का भजन करो यही आपका लोक और परलोक दोनों सुधरेगा अगर आप भी अपने घर में श्रीमद् भागवत कथा भक्तमाल कथा तथा अन्य कथाओं का आयोजन करना चाहते हैं तो कनखल चौक के पास कथा मर्मज्ञ श्री सुधा वेदांताचार्य कथा वाचक से संपर्क कर अपने घर में धार्मिक आयोजन कर धर्म का लाभ उठाये

 

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