17 August 2026

एक तू जो मिला सारी दुनिया मिली ललिताम्बा पीठाधीश्वर स्वामी श्री जय रामदास महाराज

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सम्पादक प्रमोद कुमार

हरिद्वार 9 मार्च 2025 भूपत वाला स्थित श्री ललिताम्बा निकेतन ट्रस्ट में आयोजित शिव महापुराण कथा के समापन के अवसर पर अपने श्री मुख से ज्ञान की वर्षा करते हुए जगतगुरु रामानंदाचार्य परम पूज्य तपस्वी विद्वान कथा व्यास स्वामी श्री जयराम दास जी महाराज ने कहा मोक्ष दाहिनी पावन नगरी हरिद्वार की पावन धरा पर पावन कथा का श्रवण करने से भक्तों को कई यज्ञों का फल प्राप्त होता है वे लोग बड़े ही भाग्यशाली हैं जिन्हें अपने माता-पिता परिजनों के साथ इस पावन धरा पर धर्म कर्म करने कथा आदि का श्रवण करने का सौभाग्य प्राप्त होता है इस सृष्टि की उत्पत्ति भगवान शिव से हुई है और एक दिन उन्ही में समाहित हो जानी है सतगुरु इस धरा पर ईश्वर के प्रतिनिधि के रूप में अवतरित होते हैं जो धर्म कर्म के माध्यम से भक्तों को भक्ति मार्ग से उंगली पड़कर भवसागर पार कराते हैं जब-जब इस पृथ्वी लोक पर भगवान अवतरित हुए हैं उन्हें भी सतगुरु के सानिध्य की आवश्यकता पड़ी है जब भगवान राम इस धरा पर आये थे तो उनके कुलगुरु महर्षि विश्वामित्र जी ने उनका मार्गदर्शन किया संत साधक सतगुरु इस पृथ्वी लोक पर एक तीर्थ के सामान होते हैं तीर्थ के दर्शन करने के लिई आपको स्वयं चल कर जाना पड़ता है किंतु एक संत के रूप में आपको कभी भी कहीं भी एक संत रूपी तीर्थ के दर्शन हो सकते हैं पावन नगरी हरिद्वार की पावन धरा पर जो भक्त अपने गुरु धाम में पावन कथाओं का आयोजन करते हैं उन्हें जीवन में सुख शांति समृद्धि और वैभव की प्राप्ति होती है और उनके पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं भूखे को रोटी खिलाने से बड़ा कोई परोपकार नहीं भटके हुए को राह दिखाने से बड़ा कोई कम नहीं और सतगुरु के बतायें मार्ग पर चलने वाले से बड़ा कोई आज्ञाकारी नहीं और गाय माता की सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं कहने का मतलब यह है कि हमारे संत महापुरुष गुरुजन धर्म कर्म यज्ञ अनुष्ठान भंडारे के माध्यम से भक्तों का लोक एवं परलोक दोनों सुधार देते हैं उन्होंने कहा राम भजन को आलसी भोजन को होशियार रे मानव ऐसे जीवन को बार-बार धिकार जो जीभा दिन में कुछ पल भगवान श्री राम भगवान श्री हरि भगवान श्री शिव भोलेनाथ का भजन नहीं कर सकती ऐसी जीभा का क्या फायदा क्योंकि हरि भजन सत्संग ही इस मनुष्य जीवन को सार्थक करने की कुंजी है परम पूज्य गुरुदेव 1008 श्री श्री जय रामदास महाराज ने भक्तजनों को एक सुंदर भजन सुनाया जिसकी पंक्तियां कुछ इस प्रकार है एक तू जो मिला सारी दुनिया मिली मेरे दिल की बगिया खिल कर मुहाल हो गई भक्तजन भक्ति रस में डूब कर झुमने गाने नाचने लगे वातावरण भक्ति मय हो गया और भक्त भक्ति रस में डूब कर गुरु देवकी जय-जय कार करने लगे इस अवसर पर बोलते हुए गुरुदेव जय रामदास महाराज ने कहा संत महापुरुषों का जीवन समाज को समर्पित होता है संत महापुरुषों द्वारा किये जाने वाले यज्ञ अनुष्ठान भंडारे कथा सत्संग आदि में भक्तजनों का हित निहित होता है इस पृथ्वी लोक पर सतगुरु से बड़ा और सच्चा कोई और पथ दर्शकऔर मार्गदर्शक हो ही नहीं सकता श्री ललिताम्बा निकेतन ट्रस्ट आश्रम में आने जाने वाले भक्तों के भोजन की व्यवस्था उनके ठहरने की व्यवस्था के साथ-साथ उच्च संस्कार और उन्हें भक्ति मार्ग दिखाने के साथ-साथ गाय माता की सेवा भी गौशाला के रूप में संचालित होती है भक्तजन अपने बच्चों का जन्मदिन अपने विवाह की वर्षगांठ शादी मुंडन सहित अनेको अवसर पर अपनी खुशी गाय माता के साथ बांट सकते हैं उनके चारे आदि की व्यवस्था में भी हाथ बटा कर अपने जीवन को गौरांवित कर सकते हैं कथा के दौरान परम वंदनीय संत महापुरुषों का आवागमन मार्गदर्शन निरंतर प्राप्त होता रहा इसी क्रम में हमारे परम पूज्य गुरुदेव 1008 श्री श्री सुति चारण देवाचार्य जी महाराज का पदार्पण भी आश्रम में हुआ था उनका पावन सानिध्य भी हम सभी को प्राप्त हुआ आज आश्रम में एक विशाल संत भंडारे का आयोजन हुआ जिसमें हरिद्वार के आनेको मठ मंदिर आश्रमों संत महापुरुषों ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया आश्रम में निरंतर आने जाने वाले भक्त जनों के लियें भोजन तथा ठहरने की व्यवस्था निशुल्क रहती है इस प्रकार के धार्मिक कार्य सनातन को विश्व में और अधिक परबल तथा सर्वोपरि बनाते हैं

 

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