मेरे हृदय में भगवान राम की छवि समाई है अब राम मिलने की घड़ी निकट आयी है श्री आनंदमयी साधना मां
सम्पादक प्रमोद कुमार
हरिद्वार( वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानंद) कनखल दक्ष रोड स्थित श्री माधव आश्रम (गुरु मां आनंदमयी कविता मां आश्रम) में भक्तजनों के बीच उद्गार व्यक्त करते हुए आश्रम की संचालिका गुरु मां आनंदमयी श्री श्री साधना मां ने भक्तजनों के बीच अपने मन के भाव कुछ इस प्रकार व्यक्त किये मेरे हृदय में भगवान राम की छवि समाई है लगता है भगवान राम से मिलन की घड़ी अति निकट आयी है उन्होंने कहा अगर सब्र रखने की सीख लेनी है तो साध्वी माता भीलनी के जीवन से ले उन्होंने अपने गुरु की आज्ञा का सम्मान करते हुए सदियों तक आश्रम में रहकर आश्रम मार्ग सजाकर भगवान राम के आने की प्रतीक्षा की और एक दिन उनके सब्र समाप्त हुआ उनके तपोबल और त्यागने और उनके गुरु के द्वारा दिये गये मार्गदर्शन ने भगवान राम को ऐसी पुकार लगाई की वन में माता भिलनी को ढूंढते हुए उन्हें मतंग ऋषि के आश्रम आना पड़ा भक्ति और सबर ने माता शबरी का जीवन सार्थक कर दिया गुरु के वचन कभी मिथ्या नहीं जाते और ईश्वर में आस्था भक्ति मनुष्य के जन्मो जन्म साथ चलती है हमारे सच्चे मार्गदर्शक सतगुरु देव हमें ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग दिखाते हैं गुरु मां के पावन सानिध्य में श्री माधव आश्रम धमार्थ ट्रस्ट रजिस्टर दिल्ली मेरठ हरिद्वार संचालित होते हैं जो भक्तों को सत्य का मार्ग दिखाकर उनके जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं
 

