अमर क्रांतिकारी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल जी एवं पुण्यतिथि महान वीरांगना लीला नाग को शत-शत नमन – नीरज सैनी

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संपादक प्रमोद कुमार

हरिद्वार रुड़की अमर क्रांतिकारी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल जी एवं पुण्यतिथि महान वीरांगना लीला नाग को शत-शत नमन करते हैं

 

11 जून 1897 को भारत माता के वीर सपूत, महान क्रांतिकारी और प्रखर राष्ट्रभक्त Ram Prasad Bismil का जन्म हुआ। आर्य समाज के राष्ट्रवादी संस्कारों से प्रेरित होकर उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए समर्पित कर दिया।

 

पंडित राम प्रसाद बिस्मिल भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन के प्रमुख स्तंभों में से थे। उन्होंने युवाओं को संगठित कर Hindustan Republican Association के माध्यम से देशभर में स्वतंत्रता की अलख जगाई। वे Kakori Conspiracy के प्रमुख सूत्रधारों में रहे, जिसने ब्रिटिश शासन की नींव को चुनौती दी।

 

19 दिसंबर 1927 को उन्हें उनके क्रांतिकारी साथियों Ashfaqulla Khan, Roshan Singh तथा Rajendra Nath Lahiri के साथ फाँसी दे दी गई। कठिन से कठिन यातनाओं और कष्टों के बीच भी वे अपने लक्ष्य से कभी विचलित नहीं हुए।

 

उनके साथियों में Chandra Shekhar Azad, Bhagat Singh, Sukhdev Thapar और Shivaram Rajguru जैसे अनेक अमर सेनानी शामिल थे, जिन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया।

 

पंडित राम प्रसाद बिस्मिल का जीवन त्याग, साहस, राष्ट्रभक्ति और बलिदान की अनुपम गाथा है। उनकी प्रेरणा से असंख्य युवाओं ने देशसेवा और राष्ट्रहित को अपने जीवन का ध्येय बनाया।

 

ऐसे महान क्रांतिकारी, राष्ट्रनायक और अमर बलिदानी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल जी की जन्म जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि।

वंदे मातरम्। भारत माता की जय। 🇮🇳🙏

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