आर्य निर्मात्री सभा उत्तराखंड के परिमंडल अध्यक्ष व जिला मंत्री आर्य नीरज सैनी द्वारा अपने निवास नंद विहार में आयोजित की लघु सभा- हरपाल सिंह सैनी

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संपादक प्रमोद कुमार

हरिद्वार दिनांक 14 जून 2026 दिन रविवार को पांचवे दिन के योग कार्यक्रम की समाप्ति के पश्चात नंद विहार रुड़की परिमंडल द्वारा श्री नीरज सैनी जी के निवास पर साप्ताहिक यज्ञ कुमारी तोषी आर्या छात्रा श्रीमद् दयानंद कन्या गुरुकुल चोटीपुरा के ब्रह्मत्व में सम्पन्न हुआ। जिसमें यज्ञमान कुमारी श्रेया छात्रा अदिति आर्या छात्रा कन्या गुरुकुल चोटीपुरा रही ।

 

 

आर्य हरपाल सिंह सैनी प्रधान आर्य समाज नंद विहार के मार्गदर्शन में लघु सभा सम्पन्न हुआ ।

यज्ञ में मुख्य रूप से श्री दीप चंद सैनी, एड. अनुज सैनी, उदित त्यागी, सुखबीर आर्य, पुष्पेंद्र आर्य, दीपा सैनी,चमन पाल मोना ,ऋषभ , श्रेयांस प्रताप सैनी,आयुष सैनी, तनिष्क आर्य,श्रीमती सुदेश सैनी, प्रियंका आर्या व अजयवीर जी प्रदेश कोषाध्यक्ष आर्य निर्मात्री सभा उत्तराखंड आस पड़ोस के गणमान्य व्यक्ति, महिलाये एवं बच्चे उपस्थित हुए यज्ञ में पिछले पाँच दिनों से योग कराने वाले योगाचार्य राम कुमार चौहान एवं योग कार्यक्रम में आज के मुख्य अतिथि प्रशिक्षित योगाचार्य डॉ.अंकित सैनी पूर्व जिला कार्यवाह आरएसएस एवं असिस्टेंट प्रोफेसर गुरुकुल कांगड़ी आदि भी यज्ञ में सम्मिलित हुए…।

तत्पश्चात आर्य निर्मात्री सभा आर्य महासंघ के आह्वान पर उपस्थित आर्यजनो मातृशक्ति, बच्चों के साथ लघु सभा आयोजित की गई।

जिसका प्रारम्भ कन्याओं द्वारा भजन गाकर किया गया।

तत्पश्चात परिमंडल अध्यक्ष आर्य नीरज सैनी द्वारा यज्ञ के लाभ महत्व तथा हम सभी के पूर्वज श्रीराम श्रीकृष्ण हनुमान जी आदि के चारित्रिक रूप गुण उनके द्वारा धर्म स्थापना के लिए किए गए कार्य उनके जीवन में घटित होने वाले प्रसंगों पर चर्चा की गई। उनके आत्मविश्वास से परिपूर्ण जीवन चरित्र पर प्रकाश डालने का कार्य किया गया।

देश में घट रही सम सामयिक घटनाओं विसंगतियों पर भी इस लघु सभा में चर्चा की गई। उदाहरण स्वरुप महाराष्ट्र में आईटी सेक्टर कंपनी में धर्मांतरण हो, अमरावती जिले में 180 से अधिक नाबालिग लड़कीयों के साथ हूए यौन शौषण की हो।

शामली में आयुष मलिक जो एक बडे सम्पन्न परिवार से सम्बन्ध रखता है उसके धर्मांतरण की हो। लव जिहाद व धर्मांतरण से कैसे युवा पीढ़ी बच सकती है, अपने सनातन वैदिक धर्म संस्कृति को आप कैसे आसानी से जान सकते हैं उसकी जानकारी दी गई।

 

इस लघु सभा में आर्य अजयवीर जी कोषाध्यक्ष द्वारा भी अपने विचार रखे गए जिसमें उनके द्वारा सत्या सत्य को जानने के माध्यम के विषय में बताया गया कैसे हमारे महापुरुषों के ऊपर गलत भ्रांतियां फैलाई गई धर्म ग्रंथों में मिलावट करके हमें बहकाया गया।

मूल स्त्रोत को जानने के लिए प्रेरित किया।

क्यों हम एक हजार साल तक गुलाम रहे क्या गलती हुई समाज से सनातन धर्म के लोगों से जो ऐसी दुर्दशा हुई।

भविष्य में समाज में ऐसी आर्य परम्पराओं और संस्कृति को सभी समझें ऐसा उनके द्वारा संदेश दिया गया।

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