शिवालिक नगर के समाजसेवी चंद्रपाल सिंह को मिलेगा राजीव गांधी गौरव अवार्ड, सामाजिक सेवा के लिए देशभर में होगा सम्मान
संपादक प्रमोद कुमार
*अंतरराष्ट्रीय समरसता मंच 23 अगस्त को नई दिल्ली में करेगा सम्मानित शिक्षा, समानता और जनहित के कार्यों के लिए मिला गौरव दिसंबर में नेपाल में भी रखा गया विशेष आमंत्रण*
 
*हरिद्वार, 31 अगस्त:* हरिद्वार के शिवालिक नगर का नाम एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित हुआ है। *अंतरराष्ट्रीय समरसता मंच* द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री *स्व. राजीव गांधी* की जयंती के अवसर पर *23 अगस्त* को नई दिल्ली के प्रतिष्ठित सभागार में आयोजित होने वाले भव्य कार्यक्रम में सामाजिक सरोकार एवं जनहित में उल्लेखनीय प्रयासों के लिए देशभर से चयनित *25 विभूतियों को “राजीव गांधी गौरव अवार्ड”* से सम्मानित किया जाएगा।
इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चयनित होने वालों में *शिवालिक नगर निवासी चंद्रपाल सिंह* का नाम भी शामिल है। चंद्रपाल सिंह का चयन समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान, शिक्षा में समानता और जनहित के मुद्दों पर निरंतर संघर्ष के लिए किया गया है।
*घोषणा के बाद बधाई देने वालों का लगा तांता*
राजीव गांधी गौरव अवार्ड से सम्मानित किए जाने की घोषणा के बाद से ही क्षेत्र में खुशी की लहर है। समाजसेवी *चंद्रपाल सिंह* के शिवालिक नगर स्थित आवास पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर उन्हें बधाई दे रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य नागरिकों ने कहा कि यह सम्मान हरिद्वार जिले के लिए गर्व की बात है।
*शिक्षा और समानता के लिए समर्पित जीवन*
*डा. भीमराव अंबेडकर अनुसूचित जाति वेलफेयर सोसाइटी* के महासचिव के रूप में चंद्रपाल सिंह पिछले कई दशकों से समाज सेवा में सक्रिय हैं। उन्होंने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य बालक-बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना और समाज में व्याप्त भेदभाव को समाप्त करना है।
उन्होंने गरीब और वंचित बच्चों के लिए निःशुल्क कोचिंग, पुस्तक वितरण, छात्रवृत्ति सहायता और जागरूकता शिविरों का आयोजन किया है। कोरोना काल में भी उन्होंने जरूरतमंद परिवारों तक राशन, दवाएं और सहायता पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
जनहित के मुद्दों पर चंद्रपाल सिंह हमेशा संघर्षशील रहे हैं। सरकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने, अनुसूचित जाति के अधिकारों की रक्षा और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने में उनका योगदान सराहनीय रहा है।
*”यह सम्मान आगे बढ़ने की प्रेरणा है” – चंद्रपाल सिंह*
सम्मान की सूचना मिलने पर *चंद्रपाल सिंह* ने कहा कि _”अंतरराष्ट्रीय समरसता मंच द्वारा राजीव गांधी गौरव अवार्ड के लिए चुना जाना मेरे लिए गौरव और दायित्व दोनों है। यह सम्मान उन सभी कार्यकर्ताओं और सहयोगियों को समर्पित है जिन्होंने मेरे साथ मिलकर समाज सेवा का यह संकल्प निभाया है।”_
उन्होंने आगे कहा कि _”स्व. राजीव गांधी ने हमेशा युवा शक्ति, तकनीक और सामाजिक समरसता की बात की। उनके आदर्शों पर चलकर ही हम एक समतामूलक समाज का निर्माण कर सकते हैं।”_
*अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी मिलेगा सम्मान*
चंद्रपाल सिंह ने बताया कि मंच द्वारा उन्हें आगामी *दिसंबर माह में नेपाल की राजधानी काठमांडू* में आयोजित किए जा रहे *अंतर्राष्ट्रीय समारोह* में भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। इस समारोह में एशिया के विभिन्न देशों से समाजसेवी, शिक्षाविद और मानवाधिकार कार्यकर्ता भाग लेंगे। वहां वे भारत में शिक्षा और सामाजिक समानता के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को प्रस्तुत करेंगे।
*क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल*
चंद्रपाल सिंह की इस उपलब्धि पर शिवालिक नगर, ज्वालापुर और आसपास के क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चंद्रपाल सिंह ने हमेशा बिना किसी भेदभाव के जरूरतमंदों की मदद की है। उनका यह सम्मान पूरे हरिद्वार के समाजसेवियों के लिए प्रेरणा बनेगा।
कार्यक्रम में भाग लेने के लिए चंद्रपाल सिंह 22 अगस्त को नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे, जहां उन्हें अंतरराष्ट्रीय समरसता मंच के पदाधिकारियों द्वारा राजीव गांधी गौरव अवार्ड प्रदान किया जाएगा।
*गांव पचोकरा से भेल हरिद्वार तक की यात्रा*
*चंद्रपाल सिंह मूल रूप से गांव पचोकरा, जिला अमरोहा, उत्तर प्रदेश* के निवासी हैं। उन्होंने *अक्टूबर 1989* में *राजीव गांधी विशेष भर्ती अभियान* के तहत *भेल हरिद्वार* में ज्वाइन किया था। भेल में कार्यरत रहते हुए ही उन्होंने सामाजिक चेतना के कार्यों की शुरुआत की और कर्मचारियों के साथ-साथ समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करने लगे।
*2011 से 2016 तक* वे *भेल हरिद्वार एस.सी. वेलफेयर सोसायटी के महासचिव* रहे। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों के अधिकारों और कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए।
*शिक्षा के क्षेत्र में अनूठा योगदान*
चंद्रपाल सिंह की सबसे बड़ी पहचान शिक्षा के क्षेत्र में उनके प्रयासों से बनी है। उनके अथक प्रयासों से *भेल प्रबंधन द्वारा डॉक्टर भीमराव अंबेडकर भवन* लिया गया। इसी भवन में आज *गरीब बच्चों को निशुल्क कोचिंग* दी जाती है।
इस कोचिंग सेंटर में *जवाहर नवोदय, राजीव गांधी नवोदय, सैनिक स्कूल, कस्तूरबा गांधी और डॉ. सुरेंद्र राकेश आश्रम पद्धति* के स्कूलों की प्रवेश परीक्षाओं की फ्री कोचिंग कराई जाती है। यह स्कूल आज भी सैकड़ों गरीब बच्चों को शिक्षा का रास्ता दिखा रहा है और उनके सपनों को पंख दे रहा है। यह रविदास मंदिरों के कामो में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं

