सनातन संस्कृति का सबसे बड़ा उत्सव है कांवड़ यात्रा-श्रीमहंत रविंद्रपुरी

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संपादक प्रमोद कुमार

हरिद्वार, 4 अगस्त। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि कांवड़ यात्रा सनातन संस्कृति का सबसे बड़ा उत्सव है। चरण पादुका मंदिर में आयोजित कांवड़ सेवा शिविर के दौरान श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि भगवान शिव को समर्पित कांवड़ यात्रा में शामिल होने वाले करोड़ों शिवभक्त हमारे अतिथी हैं। अतिथी देवो भवः की परंपरा का पालन करते हुए सभी को उनकी सेवा करनी चाहिए। कांवड़ियों की सेवा भगवान शिव की सच्ची आराधना है। कांवड़ियों की सेवा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि संत सनातन परंपरांओं के वाहक हैं और सेवा ही संत समाज का उद्देश्य है। संतों के सानिध्य में सभी को सेवा कार्यो में भाग लेना चाहिए। इस अवसर पर निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी, महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद, महंत राज गिरी, वरिष्ठ भाजपा नेता डा.विशाल गर्ग सहित अनेक श्रद्धालु भक्त मौजूद रहे।

 

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