COER विश्वविद्यालय में दीपोत्सव की भव्य छटा, राममय हुआ परिसर; ‘प्रतीक्षा, आगमन और उत्सव’ की त्रिवेणी ने जीवंत की अयोध्या
हरिद्वार,COER विश्वविद्यालय, रुड़की में भक्ति, संस्कृति और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर भव्य दीपोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ‘प्रतीक्षा – आगमन – उत्सव’ की भावपूर्ण थीम पर आधारित इस आयोजन में भगवान श्रीराम, माता सीता और भगवान लक्ष्मण की अयोध्या वापसी की पौराणिक कथा को आकर्षक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत किया गया। पूरे विश्वविद्यालय परिसर में दीपों की रोशनी, पारंपरिक सजावट और भक्तिमय वातावरण ने अयोध्या की दिव्य छटा का अद्भुत एहसास कराया।
 
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के अध्यक्ष जे सी जैन, vice president डॉ श्रीयांस जैन, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ चारु जैन, कुलपति डॉ अनुभा सिंह सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों एवं गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और भगवान श्रीराम के आदर्शों को विद्यार्थियों के माध्यम से जीवंत करना था।
दीप संध्या को तीन प्रमुख चरणों—‘प्रतीक्षा’, ‘आगमन’ और ‘उत्सव’ में विभाजित किया गया। प्रथम चरण ‘प्रतीक्षा’ में भगवान श्रीराम के वनवास से अयोध्या वापसी की प्रतीक्षा, माता सीता के त्याग और भरत की भक्ति को भावपूर्ण प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शाया गया। इस प्रस्तुति ने दर्शकों को त्याग, धैर्य, प्रेम और समर्पण का संदेश दिया।
द्वितीय चरण ‘आगमन’ कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा। इसमें भगवान श्रीराम, माता सीता और भगवान लक्ष्मण के अयोध्या आगमन को भव्य एवं आकर्षक झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पुष्पवर्षा, पारंपरिक संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने इस ऐतिहासिक क्षण को जीवंत कर दिया। वहीं अंतिम चरण ‘उत्सव’ में दीप प्रज्ज्वलन, आकर्षक रोशनी, पारंपरिक सजावट और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से दीपावली की खुशियों को साझा किया गया।
विश्वविद्यालय परिसर को दीपों, रंग-बिरंगी रोशनी, आकर्षक सजावट और पारंपरिक कलात्मक प्रस्तुतियों से भव्य रूप दिया गया। पूरे आयोजन में विद्यार्थियों, शिक्षकों और आयोजन समिति के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यार्थियों की रचनात्मकता, सामूहिक प्रयास और समर्पण ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने आयोजन समिति, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम ने न केवल भारतीय सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक मूल्यों को बढ़ावा दिया बल्कि विद्यार्थियों में एकता, सहयोग, अनुशासन और सामूहिक सहभागिता की भावना को भी मजबूत किया।
COER विश्वविद्यालय का यह भव्य दीपोत्सव भारतीय संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का सुंदर संगम बनकर सामने आया।



