हमारे धर्म ग्रंथ हमें संस्कारवान बनाने के साथ-साथ ईश्वर से जोड़ते हैं तथा हमारा लोक और परलोक दोनों सुधार देते हैं:-श्री कमलानंद गिरि महाराज

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प्रमोद कुमार हरिद्वार 

हरिद्वार (वरिष्ठ पत्रकार मनोज ठाकुर) संयास रोड स्थित श्री मोहन जगदीश्वर आश्रम कनखल में बैसाखी के पावन पर्व पर अखिल भारतीय भक्ति वेदांत सम्मेलन परम पूज्य गुरुदेव 1008 महामंडलेश्वर स्वामी श्री दिव्यानंद गिरि जी महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित किया गया इस अवसर पर बोलते हुए महामंडलेश्वर श्री 1008 परम पूज्य स्वामी विवेकानंद गिरी महाराज ने कहा हमारे धर्म ग्रंथ हमें संस्कारवान बनाने के साथ-साथ ईश्वर से जोड़ते हैं तथा हमारा लोक और परलोक दोनों सुधार देते हैं इस अवसर पर बोलते हुए परम पूज्य महामंडलेश्वर 1008 श्री कमलानंद गिरि जी महाराज ने कहा श्रीमद् भागवत कथा मनुष्य के लिए अति कल्याणकारी पवन ग्रंथ है जो मनुष्य को बुद्धि के साथ-साथ समृद्धि भी प्रदान करती है

 

इस अवसर पर बोलते हुए अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत परम पूज्य रवींद्र पुरी जी महाराज ने कहा इस पावन नगरी में दो प्रकार की गंगा बहती है एक तो मा भागीरथी हैं जिनके पावन जल में स्नान करने मात्र से मनुष्य पाप मुक्त हो जाता है तथा उसे पुनीत फलों की प्राप्ति होती है दूसरी गंगा संत ऋषि मुनियों के श्री मुख से बहने वाली ज्ञान की गंगा है जिस को सुनने मात्र से भक्तों का जीवन धन्य हो जाता है उनके अंदर अच्छे संस्कारों का उदय होता है उनका लोग और परलोक दोनों सुधर जाते हैं परम पूज्य ब्रह्मलीन गुरुदेव श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी मोहन गिरी जी महाराज जयंती के अवसर पर संत सम्मेलन का आयोजन किया गया परम पूज्य गुरुदेव ब्रह्मलीन श्री 1008 स्वामी रामेश्वरानंद गिरि जी महाराज की पावन पुण्यतिथि के अवसर पर 14 अप्रैल 20 24 को भक्तजनों पर ज्ञान की वर्षा गुरुजनों के श्री मुख से होगी।

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