इन्सान के रूप की पहुंच सिर्फ आंखों तक होती है किंतु गुण की पहुंच लोगों की आत्मा तक पहुंचती है श्री श्री आनंदमयी साधना मां

सम्पादक प्रमोद कुमार
हरिद्वार (वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानन्द) कनखल दक्ष रोड स्थित श्री माधव आश्रम श्री श्री आनंदमयी कविता मां आश्रम में भक्तजनों के बीच ज्ञान की वर्षा करते हुए अनंत विभूषित परम वंदनीय दुर्लभ ज्ञान मूर्ति संत श्री श्री आनंदमयी साधना मां ने कहा इंसान का रूप से सुंदर होना इतना अहम नहीं किंतु इंसान के अंदर जो गुण होते हैं उन गुणो की पहुंच दूसरों इंसानों की आत्मा तक पहुंचती है आपके गुण आपके आचार विचार और संस्कार आपको विश्व में सबसे श्रेष्ठ बना सकते हैं किंतु इन सब में ईश्वर भक्ति सबसे श्रेष्ठ जो आपके इस लोक को तो सुधर ही देती है परलोक को भी सुधार देती है हमारे आध्यात्मिक धर्मगुरु हमारे जीवन को भजन कीर्तन सत्संग के माध्यम से यह मानव जीवन सार्थक करने की दिशा प्रदान करते हैं इस पृथ्वी लोक पर गुरुदेव ईश्वर के प्रतिनिधि के रूप में अवतरित होते हैं जो धर्म कर्म भजन पाठ पूजा सत्संग कथा आदि के माध्यम से हमारा मार्गदर्शन करते हुए हमें सत्य का मार्ग दिखाते हैं इस कलयुग में गुरु से बड़ा और सच्चा और कोई पथ दर्शक हमें प्राप्त हो ही नहीं सकता धन सुविधाजनक जीवन उपलब्ध करा सकता है किंतु मन का सुकून सिर्फ हरि भजन से ही प्राप्त हो सकता है अब देख लीजिये कि आप सुविधा युक्त जीवन चाहते हैं या सुकून भरा हरि भजन युक्त जीवन सुकून भरा चिंता युक्त जीवन चाहते हैं।