14 August 2026

पूज्य गुरुदेव निगम बोध तीर्थ जी महाराज पृथ्वी लोक पर ज्ञान के एक विशाल सूर्य है व्यवस्थापक महंत भीमदेव महाराज

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सम्पादक प्रमोद कुमार

हरिद्वार (वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोज मनोजानन्द) भूपतवाला रानी गली स्थित निगम कुटीर आश्रम में शिव महापुराण दिव्य पावन कथा का समापन हुआ इस अवसर पर बोलते हुए आश्रम के व्यवस्थापक महंत भीमदेव महाराज ने कहा शिव महापुराण कथा मनुष्य का कल्याण करने वाली परम कल्याणकारी कथा है जो भी इस पावन कथा को अपने घर गुरु धाम में आयोजित कराता है उसका लोक एवं परलोक दोनों सुधर जाते हैं उसके जीवन में सुख शांति समृद्धि तथा वैभव की कोई कमी नहीं रहती भगवान भोलेनाथ की उस पर अपार कृपा बरसती है स्वामी महंत भीमदेव महाराज ने कहा विश्व प्रसिद्ध पावन नगरी हरिद्वार में जो भी अपने घर की खुशहाली अपने पितृ पूर्वजों की स्मृति में पावन कथाओं का आयोजन कराता है उसके जीवन की भगवान श्री हरि संपूर्ण इच्छाये पूर्ण करते हैं पावन नगरी हरिद्वार में कदम-कदम पर संत महापुरुषों के श्री मुख से ज्ञान की गंगा बहती है इसी पावन धरा पर मां भागीरथी की पावन धारा में स्नान करने मात्र से मनुष्य पाप मुक्त हो जाता है मां गंगा की कृपा से उसके जीवन में धन-धान्य की वर्षा होती है हमारे परम पूज्य गुरुदेव दण्डी स्वामी निगमबोध तीर्थ जी महाराज इस धरती लोक पर ज्ञान का एक विशाल सूर्य है उनके ज्ञान का प्रताप आश्रम में तथा भक्तजनों के बीच सुख शांति तथा समृद्धि के रूप में विद्यमान है गुरुदेव ने भक्तजनों के बीच धर्म एवं संस्कृति एवं ज्ञान की अलख जगाते हुए विश्व भर में धर्म एवं संस्कृति सनातन की पताका फहराई परम पूज्य गुरुदेव ने धर्म कर्म पूजा पाठ यज्ञ अनुष्ठान के माध्यम से भक्तों को कल्याण का मार्ग दिखाया हम गुरुदेव के बताये पद चिन्हों का अनुसरण करते हुए आने जाने वाले भक्त जनों की सेवा में लगे हुए हैं परम पूज्य गुरुदेव श्री श्री निगमबोध तीर्थ जी महाराज इस पृथ्वी लोक पर एक विशाल ज्ञान की गंगा के रूप में भक्तजनों के बीच विद्यमान है उनके ज्ञान रूपी सरोवर में स्नान करने के बाद भक्त अपने जीवन को धन्य तथा कृतार्थ करते है इस अवसर पर कनाडा से स्वामी सत्य प्रकाश महाराज डॉक्टर प्रीति जी महाराज के साथ-साथ नागपुर से शिव महापुराण कथा का आयोजन करने वाले भक्त भी पधारे हुए थे इस अवसर पर एक विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया जिसमें हरिद्वार के अनेकों मठ मंदिर आश्रमों से आये संत महापुरुषों ने भाग लिया पूर्व में त्रुटि बस परम पूज्य गुरुदेव के लियें ब्रह्मलीन लिखा गया था हम अपनी त्रुटि में सुधार करते हुए खेद व्यक्त करते हैं परम पूज्य गुरुदेव की लंबी उम्र की कामना करते हैं

 

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