मां भगवती का विशाल जागरण भक्तों के जीवन में सुख शांति समृद्धि लेकर आयेगा
संपादक प्रमोद कुमार
हरिद्वार कांगड़ी स्थित श्री मां काली देवी शक्ति पीठ आश्रम में आश्रम की संस्थापिका श्री महंत साध्वी माता रजनी गिरी महाराज के पतित पावन सानिध्य में मां भगवती का विशाल जागरण श्री मां काली देवी दास शक्तिपीठ आश्रम श्यामपुर के तत्वाधान में भक्तों के कल्याणार्थ 22 जनवरी को होने जा रहा है 23 जनवरी 2026 को संत महापुरुषों के श्री मुख से ज्ञान की पावन सरिता का प्रवाह होगा तत्पश्चात माता का प्रसाद भक्तजनों को विस्तृत किया जायेगा इस अवसर पर बोलते हुए आश्रम की महंत प्रातः स्मरणीय साध्वी माता परम तपस्वी ज्ञान मूर्ति रजनी गिरी जी महाराज ने कहामाता महाकाली, दुर्गा और शेरावाली के अनंत स्वरूपों के दर्शन मात्र से मानव जीवन अत्यंत सार्थक और पूर्ण बन जाता है। जो भक्त माता में अडिग श्रद्धा और आस्था रखते हैं, उनके जीवन में न केवल सांसारिक सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य आता है, बल्कि परलोक में भी उन्हें अनंत आनंद, शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। माता के प्रति सच्ची भक्ति, समर्पण और श्रद्धा से मनुष्य के सभी दुःख, भय और पाप नष्ट हो जाते हैं, और उसका मन शक्तिशाली, साहसी और निर्मल बन जाता है। माता महाकाली अपने क्रूर और दैत्य विनाशक रूप से दुष्टों और अधर्मी शक्तियों का संहार करती हैं और अपने भक्तों को हर संकट, विपत्ति और कठिनाई से मुक्त करती हैं। माता दुर्गा अपने प्रेम और करुणा के रूप में भक्तों की रक्षा करती हैं और उन्हें जीवन के प्रत्येक मोड़ पर मार्गदर्शन प्रदान करती हैं। माँ शेरावाली अपने तेजस्वी और अद्भुत रूप से भक्तों को अज्ञान, भय और मानसिक अशांति से मुक्त करती हैं तथा जीवन को सुख, सफलता और संतुलन प्रदान करती हैं। इन अनंत रूपों के दर्शन और उनके प्रति अडिग श्रद्धा से मानव के मन, बुद्धि और आत्मा का विकास होता है। जीवन की हर कठिनाई सरल हो जाती है, संघर्षों में साहस और शक्ति मिलती है, और व्यक्ति आध्यात्मिक उन्नति के मार्ग पर अग्रसर होता है। यही कारण है कि जो लोग सच्चे मन से माता में विश्वास रखते हैं, उनके जीवन में समृद्धि, शांति, संतोष और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है। मानव केवल अपने प्रयासों से ही नहीं, बल्कि देवी-देवताओं की असीम कृपा और आशीर्वाद से ही पूर्णता, सफलता और मोक्ष प्राप्त कर सकता है। माता महाकाली, दुर्गा और शेरावाली के अनंत स्वरूप मानव जीवन में आस्था, शक्ति, साहस, ज्ञान और संतुलन का संचार करते हैं, जिससे जीवन का प्रत्येक क्षण मंगलमय, सार्थक और आध्यात्मिक दृष्टि से समृद्ध बन जाता है। इस प्रकार, माता के अनंत स्वरूपों का दर्शन, भक्ति और उनके आशीर्वाद का अनुभव मनुष्य के जीवन को सम्पूर्ण, दिव्य और अमूल्य बनाता है। 22 जनवरी 2026 को राम मंदिर बनने के उपलक्ष में दीप उत्सव मनाया जाएगा जिसमें भारी संख्या में भक्तजन भाग लेकर अपने जीवन को धन्य तथा कृतार्थ करें महंत रचित गिरी महाराज जागरण के दौरान भक्तों को कल्याणकारी वचनों तथा भजनों से कृतार्थ करेंगे स्वामी योगानंद ब्रह्मचारी की अमृतवाणी भक्तों के जीवन को सार्थकता की और ले जाएगी
 


