17 August 2026

राम का नाम जीवन की सफलता केआधार के साथ-साथ मोक्ष का भी माध्यम है महामंडलेश्वर श्री श्याम दास महाराज

विज्ञापन

 

हरिद्वार वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानंद सप्त सरोवर रोड स्थित प्रसिद्ध श्री हनुमान गुफा में भक्त जनों के बीच अपने श्री मुख से ज्ञान की अमृत वर्षा करते हुए महामंडलेश्वर प्रातः स्मरणीय श्री श्याम दास जी महाराज ने कहाराम नाम: जीवन की सार्थकता और मोक्ष का आधार

 

भारतीय संस्कृति और दर्शन में ‘राम’ केवल एक नाम नहीं, बल्कि परम तत्त्व हैं। जिस प्रकार सूर्य के बिना दिन का अस्तित्व नहीं और प्राण के बिना शरीर का मूल्य नहीं, उसी प्रकार राम के भजन के बिना मनुष्य जीवन की पूर्णता की कल्पना करना असंभव है।

१. त्रिकाल में व्याप्त सत्य

सृष्टि के कण-कण में समाया हुआ ‘राम’ नाम त्रिकालबाधित सत्य है। भूत, भविष्य और वर्तमान—तीनों कालों में यदि कुछ अपरिवर्तनीय है, तो वह प्रभु की महिमा है। विद्वानों ने सत्य ही कहा है कि राम नाम ही वह युक्ति है जिससे जीवन के जटिल प्रश्नों का समाधान मिलता है और यही वह मुक्ति है जो जन्म-मरण के चक्र से जीव को मुक्त करती है।

२. जीवन और मृत्यु के मध्य अटल सत्य

संसार में दो ही बातें सबसे बड़ी सच्चाई मानी गई हैं: जन्म और मृत्यु। लेकिन इन दोनों के बीच जो जीवन की धारा बहती है, उसे सार्थकता केवल ईश्वरीय स्मरण से मिलती है।

जन्म: कर्मों का फल है।

मृत्यु: शरीर का अंत है।

राम नाम: आत्मा का पाथेय (रास्ते का भोजन) है जो इस लोक और परलोक दोनों को सुधार देता है।

“राम नाम सत्य है” केवल श्मशान की यात्रा का उद्घोष नहीं, बल्कि जीवन जीते हुए हर क्षण का अनुभव होना चाहिए।

३. सार्थकता की कसौटी

मनुष्य जीवन की सफलता भौतिक उपलब्धियों, धन या पद से नहीं आंकी जा सकती। वास्तविक सार्थकता उस अंतर्मन में है जहाँ राम नाम की गूँज हो। यह नाम हृदय को निर्मल करता है और व्यक्ति को मर्यादा पुरुषोत्तम के आदर्शों पर चलने की शक्ति देता है। जिस प्रकार दीपक अंधकार को मिटा देता है, उसी प्रकार राम का भजन अज्ञान और अहंकार के अंधकार को समाप्त कर जीवन को आलोकित करता है।

निष्कर्ष

भगवान राम का नाम ही वह नौका है जो हमें इस संसार रूपी भवसागर से पार उतार सकती है। जिसने अपने जीवन की डोर प्रभु के चरणों में सौंप दी, उसका कल्याण निश्चित है। राम नाम की महत्ता को समझना ही जीवन के अटल सत्य को स्वीकार करना है।

विज्ञापन
Copyright © All rights reserved. | Sakshar Haridwar Powered by www.WizInfotech.com.