सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज से0 2 भेल रानीपुर हरिद्वार में विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य श्रीमान रुद्र प्रताप शास्त्री जी की सेवानिवृत्ति के अवसर पर सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
हरिद्वार दिनाँक 31 मार्च 2026 को सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज से0 2 भेल रानीपुर हरिद्वार में विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य श्रीमान रुद्र प्रताप शास्त्री जी की सेवानिवृत्ति के अवसर पर सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य रुद्रप्रताप शास्त्री , विद्यालय अध्यक्ष डॉ शिव शंकर जायसवाल जी , श्रीमान रामप्रकाश जी ( पूर्व प्रधानाचार्य शिशु मंदिर ) श्रीमान शिव प्रकाश अग्रवाल (पूर्व प्रबंधक विद्या मंदिर ) , श्रीमान सुनील चौहान जी ( सदस्य प्रबंध समिति) श्रीमान शेर सिंह रावत जी (अध्यक्ष शिशु मंदिर) श्री कमल रावत जी (प्रधानाचार्य सरस्वती शिशु मंदिर, रानीपुर) और श्री लोकेंद्र दत्त अंथवाल जी( प्रधानाचार्य सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज, रानीपुर, हरिद्वार) द्वारा ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी मां शारदे एवं पवित्र पावन ओम के सम्मुख सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलन कर किया। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की आचार्य भानु प्रताप जी ने किया। सभी अभ्यागतों का परिचय विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य श्रीमान दीपक कुमार जी ने करवाया। विद्यालय के आचार्य प्रवीण कुमार जी ने बताया कि शास्त्री जी सन 1998 से हमारे विद्यालय से जुडे हैं। आज इनका सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रबंध समिति सदस्य प्रधानाचार्य एवं विद्यालय परिवार ने शास्त्री जी के सुखी और स्वस्थ जीवन की मंगल कामना ईश्वर से की। विद्यालय की ओर से शास्त्री जी को उपहार देकर सम्मानित किया गया। अपनी विदाई पर श्रीमान शास्त्री जी ने कहा कि विद्यालय में कार्य करते हुए उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला । सभी के साथ मित्रतापूर्ण व्यवहार आजीवन उन्हें याद रहेगा। विद्यालय की आचार्या श्रीमती हेमा जी और लीना जी ने कहा कि आपने अपने कार्यकाल में विद्यालय के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए विद्यालय के सर्वांगीण विकास में भरपूर सहयोग प्रदान किया। श्रीमान शिव शंकर जायसवाल जी ने बताया कि शास्त्री जी ने अपने कार्यकाल के दौरान बड़े अनुशासन का परिचय दिया और सभी कार्य बड़ी निष्ठा से सम्पन्न किए गए। कार्यक्रम में विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य लोकेंद्र दत्त अंथवाल जी ने कहा कि व्यक्ति कभी सेवानिवृत्त नहीं होता एक दायित्व खत्म होता है तो अनेकों दायित्व और आ जाते हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि आप आगे भी अपना पारिवारिक दायित्व इसी प्रकार निभाएंगे । इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा ।
 


