संत दर्शन से मनुष्य को कई तीर्थ का फल प्राप्त होता है महंत स्वामी योगेश्वरानन्द महाराज
संपादक प्रमोद कुमार
हरिद्वार भूपतवाला सप्त सरोवर रोड निकट गीता कुटीर स्थित श्री दीप्ति कुटीर आनंद वन के परमाध्यक्ष प्रातः स्मरणीय महंत योगेश्वरानन्द सरस्वती महाराज ने भक्तजनों के बीच अपने श्री मुख से उद्गार व्यक्त करते हुए कहा संत दर्शन से मनुष्य को कई तीर्थ का फल प्राप्त हो सकता है संत महापुरुष इस पृथ्वी लोक पर किसी तीर्थ से कम नहीं तीर्थ के दर्शन करने के लिए आपको स्वयं चल कर जाना पड़ता है किंतु एक संत रूपी तीर्थ के दर्शन आपको कभी भी कहीं भी हो सकते हैं संत इस पृथ्वी लोक पर साक्षात ज्ञान की त्रिवेणी के रूप में स्थापित है संत महापुरुषों के श्री मुख से बहने वाली ज्ञान की सरिता में गोते लगाने से मनुष्य के जीवन का उद्धार हो जाता है और जो मठ मंदिर आश्रमों से शंखनाद होता है वह संपूर्ण सृष्टि में सनातन परंपरा के रूप में प्रवाहित होता है संत दर्शन से कई तीर्थ के दर्शन का फल प्राप्त होता है इसलिए संतों के दर्शन का मनुष्य को हमेशा लाभ उठाना चाहिए और उनके वचनों को सुनकर अपने जीवन में धारण कर अपने जीवन का उद्धार करना चाहिए
 

