कथा व्यास पं. ब्रह्मरात हरितोष एकलव्य बोले – श्रीकृष्ण का जीवन अन्याय के विरुद्ध संघर्ष व धर्म स्थापना का संदेश
संपादक प्रमोद कुमार
गीता कुटीर में श्रीमद्भागवत के छठे दिन गूंजी कंस वध व गोवर्धन लीला की कथा
 
हरिद्वार, 13 जून 2026 सप्तऋषि रोड स्थित गीता कुटीर तपोवन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के छठे दिन बुधवार को श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का रसपान किया। कथा पंडाल “राधे-राधे” और “जय कन्हैया लाल की” के जयकारों से गूंज उठा।
कथा व्यास पंडित ब्रह्मरात हरितोष एकलव्य जी ने श्रीकृष्ण के मथुरा प्रस्थान, कंस वध तथा गोवर्धन लीला का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन अन्याय के विरुद्ध संघर्ष, धर्म की स्थापना और लोककल्याण का अद्भुत संदेश देता है।
*‘सत्य और धर्म की ही होती है विजय’ – कथा व्यास*
उन्होंने कहा कि कंस वध का प्रसंग यह सिखाता है कि चाहे अधर्म और अत्याचार कितना भी शक्तिशाली क्यों न दिखाई दे, अंततः सत्य और धर्म की ही विजय होती है। वहीं गोवर्धन लीला हमें प्रकृति, पर्यावरण और गौ संरक्षण के महत्व का बोध कराती है। भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के अहंकार का नाश कर समाज को यह संदेश दिया कि प्रकृति की रक्षा और सामूहिक एकता ही मानव जीवन की वास्तविक शक्ति है।
कथा के दौरान मथुरा में कंस के दरबार का दृश्य, कुबलयापीड़ हाथी व चाणूर-मुष्टिक मल्लों का वध तथा गोवर्धन पर्वत को कनिष्ठा अंगुली पर धारण करने के प्रसंग सुनकर श्रोता भाव-विभोर हो उठे। भजनों पर श्रद्धालु देर तक झूमते रहे।
*‘भागवत जीवन को दिशा देने वाली पाठशाला’ – मुख्य यजमान*
इस अवसर पर मुख्य यजमान श्री कैलाश चंद्र गुप्ता ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली आध्यात्मिक पाठशाला है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के आदर्श हमें सत्य, सेवा, करुणा और कर्तव्यनिष्ठा का मार्ग दिखाते हैं। आज के युग में युवा पीढ़ी को श्रीकृष्ण के चरित्र से प्रेरणा लेकर राष्ट्र व समाज सेवा का संकल्प लेना चाहिए।
कथा के समापन पर आरती व प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन समिति के अनुसार श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ 14 जून 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 2:00 बजे से सायं 5:30 बजे तक चलेगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा का श्रवण कर धर्म लाभ ले रहे हैं।

