आईआईटी रुड़की, आइवीकैप वेंचर्स और न्यूक्वांट ने भारत के अनुसंधान, नवाचार और डीपटेक इकोसिस्टम को सशक्त बनाने हेतु ₹1,000 करोड़ की ऐतिहासिक सुपर एंडोमेंट पहल की घोषणा की
• भारतीय उद्यमिता और देश के डीपटेक भविष्य के लिए एक नया इंजन
 
• भारत इनोवेट्स 2026 में घोषित – भारत सरकार की एक पहल, जिसे शिक्षा मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है
उत्तराखंड, रुड़की, 22 जून, 2026 – भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की), आइवीकैप वेंचर्स एवं न्यूक्वांट के सहयोग से लगभग ₹1,000 करोड़ के लक्षित कोष के साथ एक सुपर एंडोमेंट फंड के शुभारंभ की घोषणा की है। भारत इनोवेट्स पहल के अंतर्गत परिकल्पित यह सुपर एंडोमेंट फंड भारत के नवाचार इकोसिस्टम को सशक्त बनाने तथा डीपटेक स्टार्टअप्स के लिए दीर्घकालिक और सतत समर्थन सुनिश्चित करने हेतु एक स्थायी एवं आत्मनिर्भर पूंजी स्रोत के रूप में विकसित किया गया है। इस फंड का उद्देश्य आईआईटी नेटवर्क में अनुसंधान उत्कृष्टता, नवाचार, उद्यमिता और प्रौद्योगिकी रूपांतरण को बढ़ावा देना है।
भारत इनोवेट्स 2026, जो भारत सरकार की एक पहल है और शिक्षा मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित की जा रही है, के दौरान फ्रांस के नीस (Nice) में भारत ने विश्व के अग्रणी विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों, नवप्रवर्तकों, निवेशकों, परोपकारी संगठनों तथा उद्योग जगत के नेताओं को जलवायु प्रौद्योगिकी (Climate Technologies), ऊर्जा प्रणालियों (Energy Systems), सेमीकंडक्टर्स, उन्नत विनिर्माण (Advanced Manufacturing), महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals), स्वास्थ्य सेवा (Healthcare) तथा अन्य रणनीतिक डीपटेक क्षेत्रों में सहयोग के लिए आमंत्रित किया है। साथ ही उन्हें इस फंड और इससे संबंधित नवाचार गतिविधियों में भागीदारी के लिए भी आमंत्रित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य एक वैश्विक स्तर पर जुड़ा हुआ नवाचार मंच विकसित करना है, जो अनुसंधान के व्यावहारिक रूपांतरण को गति दे, सीमा-पार सहयोग को प्रोत्साहित करे तथा वैश्विक प्रभाव वाली प्रौद्योगिकियों के विकास को सक्षम बनाए।
आईआईटी रुड़की की 175 वर्षों की विशिष्ट शैक्षणिक उत्कृष्टता और नवाचार की विरासत को आगे बढ़ाते हुए यह पहल एक परिवर्तनकारी मंच के रूप में कार्य करेगी, जो पूर्व छात्रों (Alumni), परोपकारी संस्थाओं, कॉर्पोरेट क्षेत्र तथा संस्थागत भागीदारों के योगदान को भारत की ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में संगठित करेगी। यह फंड कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence), सेमीकंडक्टर्स, महत्वपूर्ण खनिज, क्वांटम कंप्यूटिंग, स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु सहनशीलता, स्वास्थ्य सेवा, उन्नत विनिर्माण, सर्कुलर इकोनॉमी तथा एग्रीटेक जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में उच्च प्रभाव वाले अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने की अपेक्षा रखता है।
प्रस्तावित एंडोमेंट मॉडल का उद्देश्य शिक्षा जगत, उद्योग, निवेशकों तथा पूर्व छात्र नेटवर्क के बीच मजबूत संबंध स्थापित करना है, जिससे क्रांतिकारी प्रौद्योगिकियों, स्टार्टअप्स के सृजन, बौद्धिक संपदा (Intellectual Property) विकास तथा सामाजिक प्रभाव के लिए सतत समर्थन उपलब्ध हो सके। इस पहल के माध्यम से आईआईटी रुड़की भारत को नवाचार, डीपटेक उद्यमिता तथा नवाचार-आधारित आर्थिक विकास के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देने का लक्ष्य रखता है।
इस एंडोमेंट का प्रबंधन आइवीकैप वेंचर्स द्वारा किया जाएगा, जो भारत के एंडोमेंट इकोसिस्टम में अग्रणी संस्था है और जिसने भारत में संस्थान-आधारित निवेश एवं एंडोमेंट मॉडल को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस मॉडल के माध्यम से आइवीकैप भारत के प्रमुख संस्थानों को अपने परिसरों से विश्वस्तरीय बौद्धिक संपदा विकसित करने में सक्षम बना रहा है, जिससे भारत को विश्व की आईपी कैपिटल (IP Capital) बनाने की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।
आइवीकैप वेंचर्स के संस्थापक एवं मैनेजिंग पार्टनर विक्रम गुप्ता ने कहा, “सुपर एंडोमेंट उस यात्रा का अब तक का सबसे रोमांचक अध्याय है, जिसकी शुरुआत हमने आईआईटी दिल्ली में भारत के पहले एंडोमेंट फंड के साथ की थी। मेरा दृढ़ विश्वास है कि हमारे संस्थानों के पूर्व छात्रों द्वारा सृजित संपदा को अगली पीढ़ी के शोधकर्ताओं और उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए वापस आना चाहिए। यह फंड उस योगदान चक्र को स्थायी बनाता है और मेरा मानना है कि यह भारत में नवाचार के वित्तपोषण की दिशा को पुनर्परिभाषित करेगा।”
आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत ने कहा, “यह केवल एक फंड नहीं है, बल्कि भारतीय नवाचार के लिए एक सतत विकासशील इंजन है। इस फंड का प्रत्येक रुपया निरंतर रूप से ऐसे विचारों को उद्यमिता और बौद्धिक संपदा में परिवर्तित करने के लिए कार्य करेगा, जिनका जन्म हमारे परिसर में होता है और जिन पर दुनिया आगे निर्माण करती है। पूर्व छात्रों, उद्योग, परोपकारी संस्थाओं और वैश्विक भागीदारों की सामूहिक शक्ति को एक साथ लाकर हम स्थायी प्रभाव उत्पन्न करना चाहते हैं तथा भविष्य की पीढ़ियों के शोधकर्ताओं, नवप्रवर्तकों और उद्यमियों को सशक्त बनाना चाहते हैं।”
इस पर टिप्पणी करते हुए न्यूक्वांट के संस्थापक किसलय कांत ने कहा, “भारत में वैश्विक डीपटेक नवाचार नेतृत्वकर्ता बनने की अपार क्षमता है। इस सहयोग के माध्यम से हम अनुसंधान, उद्यमिता और वैश्विक पूंजी के बीच संबंधों को और मजबूत करना चाहते हैं, ताकि क्रांतिकारी प्रौद्योगिकियों को विस्तार मिल सके और वे सार्थक प्रभाव उत्पन्न कर सकें। सुपर एंडोमेंट फंड दीर्घकालिक नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने का एक सशक्त मॉडल प्रस्तुत करता है।”
आईआईटी रुड़की और आइवीकैप वेंचर्स पूर्व छात्रों, कॉर्पोरेट नेताओं, परोपकारी संस्थाओं, संस्थागत निवेशकों, वैश्विक विश्वविद्यालयों तथा रणनीतिक भागीदारों को इस पहल से जुड़ने और भारत के लिए एक सतत, वैश्विक रूप से जुड़ा हुआ तथा नवाचार-आधारित भविष्य के निर्माण में योगदान देने हेतु आमंत्रित करते हैं।

