श्री श्याम वैकुंठ धाम में स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण, संतों ने दिया सनातन और राष्ट्रभक्ति का संदेश – स्वामी यतिश्वरानंद महाराज
संपादक प्रमोद कुमार
हरिद्वार,श्यामपुर स्थित श्री श्याम वैकुंठ धाम में स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर प्रातः स्मरणीय गुरु भगवान परम पूज्य श्री महंत श्यामसुंदर जी महाराज के पतित-पावन सानिध्य में भव्य ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। उत्तराखंड सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री परम पूज्य स्वामी यतीश्वरानंद जी महाराज ने अपने करकमलों से राष्ट्रीय ध्वज का ध्वजारोहण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान आश्रम परिसर राष्ट्रभक्ति, आध्यात्मिकता और सनातन संस्कृति के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परम पूज्य श्री महंत श्यामसुंदर जी महाराज ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश की आजादी हमारे महान स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान का परिणाम है। उन्होंने कहा कि भारत की शक्ति केवल उसकी सीमाओं और सामर्थ्य में नहीं, बल्कि उसकी महान आध्यात्मिक परंपरा और सनातन संस्कृति में भी निहित है। गुरु परंपरा ने सदैव समाज को सत्य, सेवा, त्याग, सदाचार और राष्ट्रहित के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति हमें ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ और मानव मात्र की सेवा का संदेश देती है। आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी अपने राष्ट्र और संस्कृति के प्रति गौरव की भावना रखते हुए देश के विकास में अपना योगदान दे। अनंत विभूषित श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर डॉ. राजेश्वर दास जी महाराज ने कहा कि स्वतंत्रता केवल बंधनों से मुक्ति का नाम नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक होने का भी संदेश है। भारत की आध्यात्मिक विरासत विश्व के लिए मार्गदर्शक रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की उन्नति तभी संभव है, जब समाज में संस्कार, सद्भाव, सेवा और राष्ट्रप्रेम की भावना मजबूत हो। उन्होंने सभी से देश की एकता, अखंडता और सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।माता अंजना देवी मंदिर के श्री महंत सतीश गिरी जी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि आजादी का पर्व हमें उन वीर सपूतों का स्मरण कराता है, जिन्होंने राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास के साथ-साथ भारत की गौरवशाली सनातन परंपरा और संत-महापुरुषों के आदर्शों से भी परिचित कराना आवश्यक है। उन्होंने देश की सुख-शांति और समृद्धि की मंगलकामना की। उत्तराखंड सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री परम पूज्य स्वामी यतीश्वरानंद जी महाराज ने कहा कि तिरंगा भारत की आन, बान और शान का प्रतीक है। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्र के प्रति समर्पण और समाज के प्रति सेवा की भावना प्रत्येक नागरिक के जीवन का हिस्सा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संत समाज सदैव राष्ट्र, धर्म, संस्कृति और समाज के उत्थान के लिए मार्गदर्शन करता रहा है। हमें अपने गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेकर एक सशक्त, संस्कारित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए। इस अवसर पर संत-महात्माओं ने देश की एकता, अखंडता, सुख-शांति एवं समृद्धि के लिए मंगलकामना की। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं और भक्तों ने राष्ट्रध्वज को नमन करते हुए देशभक्ति के भाव के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया।
 
श्री श्याम बैकुंठ धाम का यह आयोजन राष्ट्रभक्ति, गुरु भक्ति और सनातन संस्कृति के सुंदर संगम का संदेश देता नजर आया। इस अवसर पर आश्रम में भगवान शिव का रुद्राभिषेक तथा बाल भोग बटुक भोजन, तथा संत भक्त भंडारे का आयोजन ही था जिसमें सभी भक्तों ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया इस अवसर पर श्री अशोक त्यागी श्री राहुल गुप्ता श्री रॉबिन गुप्ता राकेश वालिया रितेश शर्मा भावना श्रावांजलि डॉक्टर सी के मिश्रा श्री गोपाल गर्ग बीके मिश्रा अश्विनी शर्मा मोहित वालिया अरविंद कुमार महंत सतीश गिरी महाराज जाकिर खान शाहिद भारी संख्या में विशिष्ट जन उपस्थित थे

