मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अवैध व अलोकतांत्रिक फैसलों का जन अधिकार पार्टी जनशक्ति ने किया विरोध दर्ज
*प्रेस विज्ञप्ति*
 
हरिद्वार दिनांक: 25 सितंबर 2026,जन अधिकार पार्टी जनशक्ति मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग द्वारा चलाई जा रही SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया की कड़ी निंदा करती है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष आजाद अली जी ने कहा “चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है, सरकार का कठपुतली विभाग नहीं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पिछले 10 महीनों में 2 चुनाव आयुक्तों ने 14 बार फाइलों पर आपत्ति दर्ज कराई, जो साबित करता है कि आयोग के अंदर सब कुछ ठीक नहीं है। SIR के नाम पर बिहार, बंगाल सहित करोड़ों गरीब, दलित, मुस्लिम और प्रवासी मतदाताओं के नाम काटना ‘वोट चोरी’ है। हम मांग करते हैं कि SIR प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए और ज्ञानेश कुमार जी नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दें।”
राष्ट्रीय महासचिव श्रीमती हेमा भण्डारी जी ने कहा: “लोकतंत्र में वोट ही जनता की सबसे बड़ी ताकत है। अगर वोट ही छीन लिया जाएगा तो जनता बदलाव कैसे करेगी? फॉर्म-6 में माता-पिता के दस्तावेज मांगना गरीबों को वोट से वंचित करने की साजिश है। जन अधिकार पार्टी जनशक्ति लोकतंत्र और संविधान बचाने के लिए सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेगी। जन अधिकार पार्टी जनशक्ति इसका विरोध करती है।”
पार्टी की 3 प्रमुख मांगें:
1. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे के अंदर बर्खास्त / इस्तीफा लिया जाए।
2. दोषपूर्ण SIR प्रक्रिया और फॉर्म-6 के नए नियमों को तत्काल वापस लिया जाए।
3. चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति वाला 2023 का कानून रद्द कर Collegium सिस्टम लागू किया जाए।



