कर्तव्य निष्ठा, प्रतिबद्धता और प्रीतिपूर्वक करें सेवा कार्य : स्वामी आर्षदेव
हरिद्वार, 30 सितम्बर 52वें अखिल भारतीय प्राच्य विद्या सम्मेलन के विशेष आयोजन के लिए स्पेशल इवेंट ग्रुप द्वारा की जा रही तैयारियों एवं व्यवस्थाओं को लेकर आज प्रदर्शन कला विभाग में समन्वयकों, अतिरिक्त समन्वयकों एवं स्वयंसेवकों की बैठक आहूत की गई, जिसमें कार्यक्रम के सुव्यवस्थित, गरिमापूर्ण एवं समयबद्ध संचालन हेतु आवश्यक तैयारियों पर चर्चा हुई।
 
बैठक में स्पेशल इवेंट ग्रुप के मुख्य संयोजक स्वामी आर्षदेव जी एवं संयोजक डॉ. गौतम के मार्गदर्शन में विभिन्न व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया गया। स्वामी आर्षदेश जी ने मंच संचालन, मंच सज्जा, अतिथि स्वागत एवं अभिनंदन, तिलक, शंखनाद, दीप प्रज्वलन, कुलगीत, राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रगान, उद्घाटन सत्र, अतिथि सम्मान, आशीर्वचन एवं संबोधन से संबंधित व्यवस्थाओं पर चर्चा करते हुए अपने सुझाव प्रस्तुत किए। विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम में भरतनाट्यम, कथक, शास्त्रीय गायन, वादन एवं लोकनृत्य की प्रस्तुतियों के समन्वय, समय-निर्धारण एवं मंच व्यवस्था पर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु समन्वयकों, अतिरिक्त समन्वयकों एवं स्वयंसेवकों को दायित्व सौंपे गए तथा अनुशासन, समयबद्धता एवं आपसी समन्वय बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया। विदित रहे कि अखिल भारतीय प्राच्य विद्या सम्मेलन में देश और विदेश से विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 3000 मूर्धन्य विद्वान एवं शोध छात्र-छात्राओं के प्रतिभाग करने की संभावना है।
बैठक में प्रदर्शन कला विभाग की मुख्य समन्वयक डॉ. अल्का गिरी, संयोजक डॉ. चंद्रमोहन मिश्र, डॉ. अर्चना तिवारी एवं डॉ. अश्विनी जी, योग विभाग की संयोजिका डॉ. आरती पाल तथा डीएनवाईटी के संयोजक डॉ. नयन विश्वास जी उपस्थित रहे।
स्वयंसेवक छात्राओं में एम.एससी. प्रथम वर्ष की छात्रा स्नेहा, बी.ए. तृतीय वर्ष की छात्रा राशि, एम.ए. द्वितीय वर्ष की छात्रा प्रियंका, बी.ए. दर्शन, प्रथम वर्ष की छात्रा भक्ति, बी.ए. द्वितीय वर्ष की छात्रा अंजलि रावत, बी.एन.वाई.एस. द्वितीय वर्ष की छात्रा अंशिका, एम.ए. दर्शन की छात्रा पुनीता, बी.एन.वाई.एस. पंचम वर्ष की छात्रा श्रुति तथा स्वयंसेवक छात्रों में बी.एन.वाई.एस. प्रथम बैच के छात्र अभ्युदय, बी.ए. दर्शन, प्रथम वर्ष के छात्र अभेदानंद, एम.ए. द्वितीय वर्ष के छात्र प्रिंस, बी.ए. द्वितीय वर्ष के छात्र रुद्र प्रताप सिंह आदि ने समिति प्रभारियों से मार्गदर्शन प्राप्त किया।
बैठक का उद्देश्य स्पेशल इवेंट ग्रुप के माध्यम से 52वें अखिल भारतीय प्राच्य विद्या सम्मेलन के विशेष आयोजन को सुव्यवस्थित, अनुशासित एवं गरिमापूर्ण रूप से सफल बनाना रहा।



