भगवान राम का भजन मनुष्य जीवन की सबसे बहुमूल्य निधि है श्री महंत रघुवीर दास महाराज
संपादक प्रमोद कुमार
हरिद्वार वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानंद प्रसिद्ध श्री सुदर्शन आश्रम अखाड़े में अपने श्री मुख से भक्तजनों के बीच उद्गार व्यक्त करते हुए प्रातः स्मरणीय श्री महंत रघुवीर दास महाराज ने कहामनुष्य के जीवन में धन, संपत्ति और भौतिक साधन महत्वपूर्ण अवश्य होते हैं, परंतु ये सभी अस्थायी हैं। इन्हें कभी भी खोया जा सकता है, छीना जा सकता है या परिस्थितियों के अनुसार समाप्त किया जा सकता है। इसके विपरीत, जीवन में किया गया भजन, साधना और गुरु के चरणों से प्राप्त ज्ञान अमूल्य और शाश्वत होता है। यह ऐसी आध्यात्मिक संपत्ति है जिसे कोई भी शक्ति न तो छीन सकती है और न ही बांट सकती है। यही ज्ञान और भक्ति मनुष्य को सच्चे मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं और उसके जीवन को सार्थक बनाते हैं। श्री महंत रघुवीर दास महाराज नेकहागुरु का स्थान जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि गुरु ही अज्ञानता के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश प्रदान करते हैं। गुरु के मार्गदर्शन से ही मनुष्य अपने जीवन का सही उद्देश्य समझ पाता है और सत्य, धर्म तथा सदाचार के मार्ग पर अग्रसर होता है। गुरु हमारे जीवन की वह बहुमूल्य निधि हैं, जिनका सान्निध्य हमें आत्मिक शांति, संतोष और जीवन का वास्तविक आनंद प्रदान करता है। गुरु के आशीर्वाद से ही मनुष्य अपने भीतर छिपी हुई दिव्य शक्ति को पहचान सकता है। भजन और सत्संग मनुष्य के जीवन को पवित्र और श्रेष्ठ बनाते हैं। सत्संग से मन में सकारात्मक विचार उत्पन्न होते हैं और भजन से आत्मा को शांति मिलती है। यह आध्यात्मिक निधि मनुष्य के साथ सदा बनी रहती है और उसे हर परिस्थिति में स्थिर और मजबूत बनाती है। इसलिए मनुष्य को चाहिए कि वह भौतिक संपत्ति के साथ-साथ आध्यात्मिक संपत्ति को भी अर्जित करे, क्योंकि यही संपत्ति जीवन के वास्तविक सुख, शांति और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करती है।
 

