श्रीखंड कैलाश आश्रम कांगड़ी में महंत मस्त गिरी महाराज के पावन सानिध्य में बही ज्ञान की सरिता
हरिद्वार वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानंद कांगड़ी स्थित श्रीखंड कैलाश आश्रम, गली नंबर 6 में श्रीरामचरितमानस पाठ के समापन के पावन अवसर पर विशाल वार्षिक भंडारे का भव्य एवं श्रद्धामय आयोजन किया गया। इस अवसर पर आश्रम परिसर में प्रातःकाल से ही भक्तों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। वातावरण पूरी तरह से भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास से ओतप्रोत दिखाई दे रहा था। श्रीरामचरितमानस के दिव्य पाठ के समापन के साथ ही प्रभु श्रीराम के जयकारों और भजन-कीर्तन से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।इस पावन अवसर पर आश्रम के परमात्मा स्वरूप महंत मस्त गिरी महाराज ने अपने आशीर्वचन देते हुए कहा कि भगवान हरि की महिमा अति अपार और अनंत है। जो व्यक्ति सच्चे मन, श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान का स्मरण करता है, वह जीवन के सभी दुखों और कष्टों से मुक्त होकर भवसागर से पार हो जाता है। उन्होंने कहा कि श्रीरामचरितमानस केवल एक ग्रंथ नहीं बल्कि मानव जीवन के लिए एक महान मार्गदर्शक है, जो हमें सत्य, धर्म, करुणा, सेवा और भक्ति का मार्ग दिखाता है। श्रीरामचरितमानस का नियमित पाठ मन को शांति प्रदान करता है और मनुष्य के जीवन में सकारात्मकता और आध्यात्मिक शक्ति का संचार करता है।
 
इस अवसर पर आयोजित विशाल संत भंडारे में हरिद्वार के अनेक मठों, मंदिरों, आश्रमों और अखाड़ों से पधारे संत-महापुरुषों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी संतों और महात्माओं का आश्रम की ओर से श्रद्धापूर्वक स्वागत और सम्मान किया गया। संत-महापुरुषों ने प्रसाद स्वरूप भोजन ग्रहण किया और उपस्थित भक्तों को अपने आशीर्वचन प्रदान किए। संतों के श्रीमुख से निकली दिव्य वाणी और ज्ञान की अमृतमयी सरिता में उपस्थित श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्ति के साथ डुबकी लगाई और अपने जीवन को धन्य तथा कृतार्थ किया।भंडारे के दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आश्रम के सेवादारों और भक्तों ने पूरे समर्पण और सेवा भाव के साथ व्यवस्था संभाली और सभी आगंतुकों का आदर-सत्कार किया। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन, सेवा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। जगह-जगह भजन-कीर्तन, सत्संग और प्रभु नाम के जयकारों से वातावरण अत्यंत पावन और आनंदमय बना रहा।महंत मस्त गिरी महाराज ने यह भी कहा कि संतों का सान्निध्य और सत्संग मनुष्य के जीवन को सही दिशा देने का कार्य करता है। इस अवसर पर बोलते हुए श्री महंत विष्णु दास महाराज ने कहासंतों के उपदेश और मार्गदर्शन से मनुष्य अपने जीवन को सार्थक बना सकता है और प्रभु भक्ति के मार्ग पर अग्रसर हो सकता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में धर्म, सेवा, सद्भाव और मानवता के मूल्यों को अपनाएं तथा समाज में प्रेम और भाईचारे का संदेश फैलाएं।
इस भव्य आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को और अधिक सुदृढ़ किया, बल्कि समाज में सेवा, समर्पण और एकता का भी प्रेरणादायक संदेश दिया। ऐसे पावन अवसरों पर संतों का सान्निध्य, प्रभु भक्ति का वातावरण और सामूहिक सेवा भावना मानव जीवन को नई ऊर्जा और आध्यात्मिक प्रेरणा प्रदान करती है। इस प्रकार श्रीरामचरितमानस पाठ के समापन पर आयोजित यह विशाल वार्षिक भंडारा श्रद्धा, भक्ति और सेवा का एक अनुपम उदाहरण बन गया, जिसने सभी श्रद्धालुओं के हृदय को गहरी आध्यात्मिक अनुभूति से भर दिया। इस अवसर पर महंत ग्वाला पुरी महाराज महंत प्रमोद दास महाराज महंत आचार्य प्रमोद महाराज महंत हरिदास महाराज महंत केशवानंद महाराज महंत विनोद महाराज श्री संजय कृष्ण महाराज महंत गोविंद दास महाराज महंत आकाश गिरी महाराज महंत सुतीक्ष्ण मुनि महंत दिनेश दास महाराज महंत रवि देव महाराज महंत किशोर दास महाराज प्रेमानंद महाराज नागा बाबा गजेंद्र गिरी महाराज पंजाबी बाबा महंत सत्यव्रतानंद महाराज महंत कमलेश्वरिनंद महाराज राधा गिरी महाराज महंत कन्हैया दास महाराज कोतवाल रामदास महाराज कोतवाल कमल मुनि महाराज कोतवाल श्याम गिरी महाराज कोतवाल देहरादून बाबा रमेशा सहित भारी संख्या में संत महापुरुष तथा भक्तजन उपस्थित थे सभी ने आयोजित विशाल भंडारे में भोजन प्रसाद ग्रहण किया तथा देश के अनेकों प्रति से आए भक्त जनों ने ज्ञान की सरिता में गोते लगाकर अपने जीवन को धन्य तथा किरदार किया


