रुड़की में वैदिक संस्कारों से गूंजा श्रेया का जन्मदिन, यज्ञ में दी गई सुख-समृद्धि की आहुतियां – मा.हरपाल सिंह सैनी

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*आचार्य बिहारी लाल के ब्रह्मत्व में संपन्न हुआ भव्य आयोजन, प्रधान हरपाल सैनी बोले– बेटियों के जन्मदिन पर यज्ञ समाज को नई दिशा देते हैं*

 हरिद्वार (रुड़की) 28 मई 2026 नगर के नंद विहार कॉलोनी, गली नं. 3 स्थित आवास पर शनिवार को एक अनूठा दृश्य देखने को मिला, जब बेटी श्रेया के जन्मदिवस को पश्चिमी चकाचौंध से दूर पूर्ण वैदिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर भव्य यज्ञ एवं आशीर्वाद समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में परिजन, शुभचिंतक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं क्षेत्रवासी सम्मिलित हुए।

 

*वैदिक मंत्रों से गूंजा यज्ञ मंडप*  

 जन्मदिन पर कार्यक्रम का शुभारंभ सुप्रसिद्ध आचार्य श्री बिहारी लाल जी के ब्रह्मत्व एवं मंत्रोच्चारण के बीच यज्ञ मंडप में विधि-विधान से हवन संपन्न हुआ। ‘ॐ भूर्भुवः स्वः’ के उद्घोष के साथ जब श्रद्धालुओं ने गायत्री मंत्र एवं महामृत्युंजय मंत्र की आहुतियां दीं, तो पूरा वातावरण भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। यज्ञ में विशेष रूप से बालिका श्रेया के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, संस्कारवान जीवन एवं राष्ट्र-सेवा के लिए समर्पित होने की कामना के साथ आहुतियां प्रदान की गईं।

*बेटी को मिला बुजुर्गों का आशीर्वाद*  

यज्ञ की पूर्णाहुति के पश्चात उपस्थित सभी वरिष्ठ जनों एवं मातृशक्ति ने श्रेया को तिलक लगाकर, पुष्प वर्षा कर एवं उपहार देकर आशीर्वाद दिया। सभी ने उसके जीवन में ज्ञान, शील, संस्कार और सफलता के लिए मंगलकामनाएं कीं। इस दौरान श्रेया ने भी सभी बुजुर्गों का हाथ जोड कर आशीर्वाद लिया। 

*‘बेटियां हैं संस्कृति की वाहक’ – प्रधान हरपाल सैनी*  

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान हरपाल सैनी ने कहा, “आज के समय में जब जन्मदिन का मतलब केवल केक और पार्टी रह गया है, ऐसे में श्रेया के परिवार ने वैदिक यज्ञ का आयोजन कर समाज को एक नई दिशा दी है। बेटियां परिवार और समाज की सबसे बड़ी शक्ति हैं। वैदिक परंपराओं के माध्यम से बच्चों के जन्मदिवस मनाने से उनमें बचपन से ही संस्कारों का संचार होता है।” उन्होंने आगे कहा कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का संदेश केवल नारा नहीं, बल्कि हर घर का संस्कार बनना चाहिए। जन्मदिवस पर इस प्रकार के संस्कारिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सनातन जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं और फिजूलखर्ची को भी रोकते हैं।

*प्रसाद एवं सामूहिक भंडारे का आयोजन*  

यज्ञ के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं को खीर, पूड़ी-सब्जी, हलवा एवं चने का प्रसाद वितरित किया गया। सभी महिलाओ पुरुषो बच्चो ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन में स्वच्छता एवं अनुशासन का विशेष ध्यान रखा गया।

  जन्मदिन के शुभ इस पावन अवसर पर श्रेया के पिता नीरज माता दादा दादी के साथ परिवार के सभी सदस्य सामाजिक कार्यकर्ता शिक्षाविद आदि सैकड़ों गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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